प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल द्वारा अकाल अकादमी झींडे की लाइब्रेरी को पुस्तकें भेंट
चंडीगढ़:- विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ के सेक्टर-41 (बडेहड़ी) स्थित कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि संस्था के अध्यक्ष प्रिं. बहादुर सिंह गोसल द्वारा अपनी विशेष यात्रा के दौरान अकाल अकादमी झींडे में, अकादमी की लाइब्रेरी के लिए अपनी रचित पुस्तकें भेंट की गईं। उन्होंने ये पुस्तकें अकादमी की प्रिंसिपल श्रीमती चरणजीत कौर और अकादमी के चुनिंदा छात्रों को भेंट कीं। इस समय उनके साथ डॉ. जगदीप सिंह और श्रीमती अजीत मावी सहित अकादमी के कई शिक्षक भी उपस्थित थे।
अकाल अकादमी की लाइब्रेरी के लिए जो पुस्तकें भेंट की गईं, उनमें प्रिं. गोसल द्वारा रचित पुस्तकें, 'श्री दशमेश जी दे धर्म युद्ध', 'विराती हवेलियां', 'आओ बच्चियो कवितावां गाइए', 'नकली सप्प', 'कुल्ली वाला बाबा', 'मेरियां श्रेष्ठ बाल कहानियां', 'दादी दा डब्बीदार कंबल' के अलावा कई अन्य पुस्तकें भी शामिल थीं। छात्र इन पुस्तकों को पाकर बहुत खुश हुए और पूरी लगन से इन्हें पढ़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रिं. बहादुर सिंह गोसल ने बच्चों को अच्छा साहित्य पढ़ने और स्वयं भी पंजाबी में लिखने का कौशल पैदा करने के लिए प्रेरित किया।
अकादमी की प्रिंसिपल श्रीमती चरणजीत कौर ने प्रिं. गोसल को 121 पुस्तकें लिखने के लिए बधाई देते हुए अकादमी की लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें भेंट करने हेतु धन्यवाद किया और विश्वास दिलाया कि अकादमी के सभी शिक्षक और बच्चे इन पुस्तकों का भरपूर लाभ उठाएंगे और ये पुस्तकें उनकी लाइब्रेरी की शोभा बढ़ाएंगी। इस अवसर पर डॉ. जगदीप सिंह और श्रीमती अजीत कौर मावी ने भी बच्चों को कड़ी मेहनत करने और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं।
