प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया पहुंचे
जकार्ता:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया पहुंच गए। उनके पहुंचने पर मेजबान देश के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी की देश की तीसरी यात्रा है। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के लिए लगभग 2,500 करोड़ रुपये के सौदे को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रंबानन का भी दौरा करेंगे। 9वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है तथा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। हालांकि इंडोनेशिया में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप है। वहां रामलीला जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं, राष्ट्रीय एयरलाइन का नाम 'गरुड़' है और भगवान गणेश की तस्वीर मुद्रा नोटों पर भी दिखाई दी है।
**इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है**
भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली के लिए लगभग 2,500 करोड़ रुपये का संभावित सौदा इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा माना जा रहा है। यदि समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है, तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा।
ब्रह्मोस मिसाइल का विकास ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है, जो भारत के डीआरडीओ और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उपक्रम है। इसे दुनिया की सबसे तेज़ परिचालन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक माना जाता है।
**इंडोनेशिया 2,000 वर्षों से भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है**
भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध लगभग 2,000 वर्ष पुराने माने जाते हैं। प्राचीन काल से ही भारतीय व्यापारियों तथा हिंदू और बौद्ध संस्कृतियों का इंडोनेशिया पर गहरा प्रभाव रहा है। आज भी इंडोनेशिया के बाली और जावा में रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटकों तथा सांस्कृतिक परंपराओं का प्रचलन है। 85 प्रतिशत मुस्लिम आबादी होने के बावजूद, 20,000 रुपये के इंडोनेशियाई नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। इसके अलावा भी कई ऐसे प्रतीक हैं, जिन पर भारतीय संस्कृति की स्पष्ट छाप दिखाई देती है।
