केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियाँ लोकतंत्र को नष्ट कर रही हैं: हमीर सिंह

पटियाला, 19 जुलाई- आज इंटरनेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्लेटफ़ॉर्म (आईडीपी) की ज़िला कमेटी द्वारा पटियाला के तर्कशील भवन में "मौजूदा राजनीतिक हालात में भविष्य की राजनीतिक दिशा क्या होनी चाहिए?" विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता, पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार और विचारक हमीर सिंह ने कहा कि मोदी सरकार और पंजाब सरकार की नीतियाँ लोकतंत्र को नष्ट कर रही हैं। उ
न्होंने कहा कि 10 साल सत्ता में रहने के बाद भी देश के प्रधानमंत्री जनता के सामने जवाबदेही से भाग रहे हैं और पत्रकारों के सवालों से भी बच रहे हैं। वह सिर्फ़ अपनी बात कहते हैं, लेकिन जनता की दुर्दशा की परवाह नहीं करते। 
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार भी केंद्र की तर्ज़ पर लोगों की ज़मीनों से बेदखलियाँ करने लगी है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में दिन-रात युवाओं के ख़िलाफ़ प्रतिस्पर्धाएँ हो रही हैं। कोई भी नेता या राजनीतिक दल इस मानवीय अपराध के ख़िलाफ़ आवाज़ नहीं उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण गांव उजड़ रहे हैं। 
इसलिए आज गांव-गांव जाकर जागरूक लोगों को एकजुट करना और लोगों को जागृत करना बहुत जरूरी हो गया है, क्योंकि सरकारों ने मीडिया को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इसलिए वे जैसा माहौल चाहती हैं वैसा माहौल बना देती हैं। इसलिए आज बड़ी एकता और संघर्ष की जरूरत है। लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए सभी दलों को एक मंच पर आने की जरूरत है। 
चर्चा की शुरुआत करते हुए आईडीपी के वरिष्ठ नेता फलजीत सिंह संगरूर ने कहा कि सरकारें बड़े व्यापारिक घरानों के हाथों में खेल रही हैं। आईडीपी नेता करनैल सिंह जखेपल, दर्शन सिंह धनेठा, गुरमीत सिंह थूही ने संबोधित करते हुए कहा कि देश की 80 प्रतिशत आबादी दयनीय स्थिति में रह रही है लेकिन हमारे नेताओं को आम लोगों की पीड़ा महसूस नहीं हो रही है।
 इस अवसर पर किरती किसान यूनियन पंजाब के जिला अध्यक्ष दविंदर सिंह पूनिया, एडवोकेट राजीव लोहटबद्दी, नंबरदार यूनियन के अध्यक्ष हरबंस सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के प्रोफेसर सुखजिंदर सिंह प्रीतमहिंदर सेखों ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि आज समय की सबसे बड़ी मांग है कि एकजुट होकर लोगों की मांगों के लिए संघर्ष किया जाए। 
इस अवसर पर तरलोचन सिंह सुलार घराट, तारा सिंह फग्गूवाला, मनप्रीत कौर राजपुरा, सुनीता रानी कैदुपुर, कुलविंदर कौर रामगढ़, राम लाल संगरूर, गुरतेज सिंह समाना, करम सिंह वजीदपुर, जंगीर सिंह पटियाला आदि ने भी सभा को संबोधित किया।