कवयित्री रजनी शर्मा ने कनाडा यात्रा की यादें साझा कीं।

नवांशहर- कनाडा में एक महीने रहने के बाद स्वदेश लौटीं प्रख्यात कवयित्री रजनी शर्मा ने कई यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि सात समंदर पार स्थित इस देश ने पंजाबी समुदाय के लिए अनेक अवसर प्रदान किए हैं और वहाँ रहने वाले पंजाबी परिवार भी वहाँ के वातावरण में अपनी विरासत और भाषा के रंग बिखेरने में सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बच्चे कनाडा में रहते हैं और उनसे मिलने के बहाने वह कनाडा देश के अनोखे वातावरण और शिष्टाचार की कई छापें लेकर लौटी हैं।
 नवजोत साहित्य संस्था ने नवजोत साहित्य संस्था और के बैनर तले कवयित्री रजनी शर्मा का वतन वापसी पर गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। संस्था के अध्यक्ष सुरजीत मजारी ने कहा कि रजनी शर्मा संस्था की पूर्व अध्यक्ष हैं और साहित्य जगत में उनका विशिष्ट स्थान है। संस्था ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव राजिंदर जस्सल, पूर्व अध्यक्ष गुरनेक शेर, देस राज बाली, समाजसेवी अमृता सैनी, दविंदर स्कोहपुरी आदि उपस्थित थे। उन्होंने रजनी शर्मा से वहाँ के विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न भी पूछे, जिसके उत्तर में उन्होंने वहाँ के रहन-सहन, परिवहन व्यवस्था और पर्यावरण की स्वच्छता के बारे में अपने विचार साझा किए।
इस विदेश यात्रा के दौरान रजनी शर्मा के जीवनसाथी विनय शर्मा भी उनके साथ थे। उन्होंने भी अपनी कनाडा यात्रा को अविस्मरणीय बताया और वहाँ घूमे विभिन्न स्थानों के बारे में जानकारी साझा की। इस अवसर पर श्रोताओं ने साहित्य की विभिन्न काव्य विधाओं पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।