बैंकों में निजी शस्त्र लाइसेंस व हथियार मान्य नहीं उपायुक्त

 करनाल, 28 नवंबर: आज यहां जिला सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक (डीएलआरसी) और जिला सलाहकार समिति (डीसीसी) की बैठक उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें एजेंडे में शामिल 35 बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बैंकों में कोई भी सुरक्षा कर्मचारी निजी हथियार या शस्त्र लाइसेंस का प्रयोग न करे।
 उन्होंने कहा कि बैंक शस्त्र लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं। हथियार भी बैंक का ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी किसी भी निजी हथियार अथवा शस्त्र लाइसेंस रखने वालों को नौकरी पर न रखें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एटीएम के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। 
उपायुक्त ने कहा कि साइबर वित्तिय साइबर अपराधों के प्रति ग्राहकों को जागरूक किया जाए। उन्हें इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल के पते यानि-यूआरएल (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर)के बारे में बताया जाए। ग्राहकों को यह बताया जाए कि मिलते-जुलते अन्य किसी लिंक पर क्लिक न करें।
 उन्होंने बैंक अधिकारियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्राप्त ऋण आवेदन पत्रों का तेजी से निपटारा करने और लंबित मामलों को शीघ्र पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत अधिकाधिक नागरिकों को पंजीकृत किया जाए। इस जिला के 100 प्रतिशत डिजीटलीकरण करने की दिशा में सभी शाखाएं युद्ध स्तर पर कार्य करें। ग्राहकों को कैशलेस लेनदेन के लिए जागरूक करने वास्ते शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए।
 बैठक में आपकी पंूजी, आपका अधिकार अभियान के तहत लोगों को उनके अप्राप्त/पुराने दावों एवं अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में जागरूक करने तथा अधिकाधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। बताया गया कि यह अभियान 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का शीघ्र सत्यापन करने और पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध करने पर भी जोर दिया गया।
 पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक सुशील कुमार हिंदुजा ने प्रधानमंत्री स्व निधि योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत रेहड़ी-फड़ी एवं ठेला चलाने वालों को 15 से 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। सभी डीसीओज को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधीनस्थ शाखा प्रबंधकों को लंबित आवेदनों का त्वरित निपटान करें।
 बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ कंवल किशन, नाबार्ड के डीडीएम हिमांशु खत्री सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।