कैंसर कॉन्क्लेव में ऑन्कोलॉजिस्ट ने किया कैंसर उपचार के बदलते परिदृश्य पर विचारविमर्श
मोहाली, 06 सितंबर, 2026: पीजीआईएमईआर, टाटा मेमोरियल अस्पताल, एम्स बिलासपुर, मैक्स अस्पताल और फोर्टिस के ऑन्कोलॉजिस्टों ने रविवार को पार्क ग्रेशियन अस्पताल द्वारा आयोजित एक कैंसर कॉन्क्लेव में भाग लिया। दिन भर चले इस वैज्ञानिक कार्यक्रम का मुख्य ध्यान कैंसर उपचार के बदलते परिदृश्य और व्यापक, प्रमाण-आधारित तथा मरीज-केंद्रित देखभाल प्रदान करने पर केंद्रित था। ऑन्कोलॉजी डायरेक्टर -पार्क अस्पताल, डॉ. संदीप कुक्कर के नेतृत्व में आयोजित इस कन्क्लेव ने ऑन्कोलॉजिस्ट को ज्ञान का आदान-प्रदान करने, नए साक्ष्यों पर चर्चा करने और जटिल कैंसर प्रबंधन पर मंथन करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
इसमें कैंसर देखभाल के सबसे उभरते क्षेत्रों पर विशेषज्ञों की प्रस्तुतियाँ और संवादात्मक पैनल चर्चाएँ शामिल थीं। इसने विभिन्न संस्थानों के कैंसर विशेषज्ञों को एक साथ आने, नैदानिक अनुभवों को साझा करने और इस बात पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया कि कैसे इन प्रगतिशील तकनीकों को बेहतर उपचार परिणामों और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के रूप में लागू किया जा सकता है। कॉन्क्लेव का एक प्रमुख बिंदु कैंसर थेरेपी में आ रहे तीव्र बदलाव, विशेष रूप से इम्यूनोथेरेपी, मॉलिक्यूलर प्रोफाइलिंग, बायोमार्कर्स, लक्षित थेरेपी और नई सिस्टमिक उपचार पद्धतियों की बढ़ती भूमिका थे।
ऑन्कोलॉजिस्ट ने विभिन्न कैंसर प्रकारों में जीनोमिक परिवर्तनों की पहचान करने और अधिक सटीक तथा व्यक्तिगत कैंसर प्रबंधन को सक्षम बनाने में नेक्स्ट जनरेशन सिक्वेंसिंग, लिक्विड बायोप्सी और आणविक परीक्षण की उभरती भूमिका पर भी चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. कुक्कर ने भारत में बढ़ रहे कैंसर के बोझ और प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा निवारक उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "भारत में लगभग 30 लाख लोग कैंसर के साथ जी रहे हैं, जिनमें से लगभग 15.6 लाख नए मामले हैं, जबकि इस बीमारी के कारण देश में हर साल लगभग 8.7 लाख लोगों की जान चली जाती है। भारत में महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर सबसे आम कैंसर बने हुए हैं, जबकि पुरुषों में फेफड़ों और लिवर का कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है।"
