राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित 26 हजार 87 मामलों का हुआ निपटारा

हिसार, 14 मार्च:- जिला मुख्यालय हिसार सहित हांसी, नारनौंद व बरवाला में परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक प्रणाली को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हिसार की चेयरमैन न्यायाधीश अल्का मलिक के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 26 हजार 87 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। 
यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हिसार में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 26 हजार 946 मामलों में से 26 हजार 87 मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 730 मामलों में से 681 मुकदमों में 2 करोड़ 13 लाख 91 हजार 189 रुपए की रिकवरी की गई। समरी/ट्रैफिक चालान के 309 मुकदमों में से 175 केसों का फैसला किया गया। पारिवारिक न्यायालय में 158 मुकदमों में से 95 मुकदमों का फैसला किया गया। एमएसीटी के 45 मुकदमों में से 29 केस में 3 करोड़ 20 लाख 8 हजार 500 रुपए के क्लेम पास किए गए। इसके अतिरिक्त आपराधिक, राजस्व, दीवानी, चेक बाउंस और चालान से संबंधित मामलों को भी शामिल किया गया था। सीजेएम अशोक कुमार ने बताया कि बताया कि हिसार, हांसी, नारनौंद व बरवाला में आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बेंच स्थापित किए गए थे, जिनमें अलग-अलग मामलों की सुनवाई की गई।
 लोक अदालत के दौरान अधिवक्तागण, पैनल वकील और संबंधित पक्षकारों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और मामले आपसी सहमति से निपटाए गए। इस दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्तागण मौजूद रहे। 
सीजेएम अशोक कुमार ने बताया कि लोक अदालतें न केवल लंबित मामलों के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, बल्कि यह सामाजिक समरसता और आपसी समझ को बढ़ावा देती हैं। इन अदालतों में विवादित पक्ष अपने मामलों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटाते हैं, जिससे अपील या संशोधन की जरूरत नहीं रहती और न्याय त्वरित रूप से प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त पक्षकारों को उनके द्वारा दी गई अदालती फीस भी वापस मिलती है।