नायब तहसीलदार ने नेत्रदान करने का निर्णय लिया
होशियारपुर - नायब तहसीलदार गुरप्रीत सिंह ने तहसील टांडा में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाई। नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े के तहत चल रहे अभियान के दौरान नेत्रदान प्रभारी भाई बरिंदर सिंह मसीती की उपस्थिति में नायब तहसीलदार गुरप्रीत सिंह ने नेत्रदान के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद आंखें दान करनी चाहिए ताकि किसी अंधे व्यक्ति के जीवन में रोशनी आ सके। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद कोई भी व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। इसलिए, पहले एक मता-पत्र दाखिल करना होगा। किसी की भी आंखें मृत्यु के 6 से 8 घंटे के अन्दर दान की जा सकती हैं। एक व्यक्ति की आंखें दो लोगों के जीवन को रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए और अपने परिजनों को भी इस संबंध में यथासंभव प्रेरित करना चाहिए।
इस अवसर पर भाई मसीती ने कहा कि नेत्रदान करना एक पवित्र कार्य है और हमें जीवित रहते हुए नेत्रदान करने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। ये आंखें किसी भी अंधे व्यक्ति को लगाई जा सकती हैं। वह आदमी इस दुनिया को देख सकता है. इंसान की आंखें मरने के बाद भी जीवित रहती हैं और वह मरने के बाद भी इस खूबसूरत दुनिया को देख सकता है। इस मौके पर नायब तहसीलदार गुरप्रीत सिंह, क्लर्क परमिंदर सिंह, रीडर बलविंदर सिंह, दविंदर सिंह सरपंच, लेक्चरर बलजिंदर सिंह आदि मौजूद थे।
