मुंह के घाव बन सकते हैं जानलेवा वक्त रहते संभलें डॉ जैन
करनाल, 8 नवंबर: मुंह में होने वाले छोटे-छोटे घाव या छाले अक्सर लोगों द्वारा नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं, लेकिन यही घाव आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। जाने-माने दंत चिकित्सक डॉ. अनुप जैन और डॉ. नितिश जैन का कहना है कि अगर इन घावों का समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो यह मुख कैंसर में बदल सकते हैं।
डॉ. जैन के अनुसार, भारत में कैंसर के कुल मरीजों में मुख कैंसर के मामले सबसे अधिक हैं। इसकी शुरुआत आमतौर पर जीभ, मसूड़ों या गाल के अंदरूनी हिस्से में बने घावों से होती है, जो धीरे-धीरे बढ़कर कैंसर का रूप ले लेते हैं।
उन्होंने बताया कि इस खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए देशभर में दंत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें मुंह और जीभ की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए विशेष व्यायाम सिखाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को तंबाकू, पान-मसाला और गुटखा जैसी हानिकारक चीजों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. जैन ने बताया कि मसालेदार भोजन, चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन भी मुंह के छालों और घावों का एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि बहुत गर्म या बहुत ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये भी मुख की कोमल परतों को नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर मुंह में छाले या घाव लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा रोज़ाना योग और हल्का व्यायाम करना, तनाव से दूर रहना और स्वच्छ खानपान अपनाना भी बहुत जरूरी है।
डॉ. जैन ने चेतावनी दी कि तंबाकू, गुटखा, पान और शराब का सेवन मुख कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है। वहीं धूम्रपान करने वालों में भी यह खतरा कई गुना अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुंह में किसी नुकीली वस्तु का प्रयोग न करें और मसूड़ों में दर्द या सूजन की स्थिति में इलाज को न टालें।
अंत में दोनों चिकित्सकों ने कहा कि स्वस्थ मुस्कान तभी संभव है जब लोग तंबाकू-मुक्त जीवन अपनाएं और मुंह के स्वास्थ्य को हल्के में न लें। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों के दांतों और मसूड़ों की जांच भी की।
