मेडिकल प्रैक्टिशनरों की रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के संबंध में वित्त मंत्री से मुलाकात
खरड़: मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन पंजाब (रजि. नंबर 295) के राज्य प्रधान डॉ. रमेश कुमार बाली ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मुलाकात कर राज्य भर के मेडिकल प्रैक्टिशनरों की रजिस्ट्रेशन के लंबे समय से लंबित मसले को उठाया। इस दौरान प्रैक्टिशनरों की मांगों और ग्रामीण क्षेत्रों में उनके द्वारा निभाई जा रही भूमिका पर चर्चा की गई।
डॉ. रमेश कुमार बाली ने वित्त मंत्री को बताया कि पंजाब के हजारों मेडिकल प्रैक्टिशनर कम खर्च पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं और ग्रामीण इलाकों के लोग उन पर बहुत भरोसा करते हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन कई वर्षों से रजिस्ट्रेशन की मांग कर रही है और इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। सरकार द्वारा पहले ग्रामीण डॉक्टरों के लिए योग्यता आधारित कोर्स शुरू करके रजिस्ट्रेशन का रास्ता खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को देखते हुए जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा और कोर्स के साथ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पंजाब सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए गंभीर है और यूनिवर्सिटी के माध्यम से शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि कोर्स जल्द ही शुरू होने वाला है। कोर्स की योग्यता 10वीं पास और 5 साल का अनुभव निर्धारित की गई है, और ट्रेनिंग ऑनलाइन शुरू की जाएगी।
बैठक में एसोसिएशन के राज्य महासचिव डॉ. मघर सिंह, मोहाली जिला संरक्षक डॉ. बलजीत सनेटा, चेयरमैन डॉ. धरविंदर कुमार दुराली और अन्य पदाधिकारी—डॉ. दीप कुमार, डॉ. प्रीतपाल सिंह, डॉ. नरिंदर सिंह, डॉ. कुलबीर सिंह, डॉ. अंकित कुमार वर्मा, डॉ. संदीप और मुकेश कड़ेवाला मौजूद थे। सभी ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस मसले का हल निकाल कर हजारों प्रैक्टिशनरों को राहत देगी। ट्रेनिंग के लिए फाइलें जिला मुख्यालयों पर जमा की जाएंगी।
