भगवान श्री वाल्मिकी महाराज का प्रकट दिवस मनाया गया
गढ़शंकर - हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गढ़शंकर के गांव रामपुर (बिल्डो) में भगवान श्री वाल्मिकी महाराज का प्राकट्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बातचीत करते हुए गद्दी नशीन बाबा राम लुभाया जी ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मिकी जी ने भगवान राम के जन्म से कई हजार साल पहले महाकाव्य रामायण की रचना की थी और उनके जीवन की सभी परिस्थितियों का पारस्परिक दिव्य दृष्टि से वर्णन किया था और आज भी हिंदु धर्म में उनकी देन रामायण का बहुत महत्व है जो सदियों से अच्छाई और आपसी प्रेम और सम्मान के साथ-साथ मानव कल्याण की शिक्षा देती रही है और आज भी रामायण में दर्ज आविष्कारों से नई-नई खोजें और तकनीकें विकसित हो रही हैं। महर्षि भगवान वाल्मिकी ने इसके बारे में जानकारी दी थी। हजारों वर्ष पूर्व रामायण में भगवान श्री राम का अवतार इससे पता चलता है कि वह बहुत बुद्धिमान और प्रबुद्ध ऋषि थे उन्होंने कहा कि हम सभी को भगवान महर्षि वाल्मिकी के बताये रास्ते पर चलना चाहिए. विभिन्न कलाकारों के दलों ने इस धार्मिक स्थल पर आकर वाल्मिकी महाराज जी की महिमा का गुणगान किया और श्रद्धालुओं की प्रशंसा की. इस अवसर पर गद्दी नसीन बाबा हरी राम जी, गद्दी नसीन बाबा प्रसोतम जी गद्दी नशीन, बाबा अशोक पनम वाले, लाडी सचिव, जिंदर कुमार, अशोक कुमार, राज कुमार रिंकू, अजय कुमार मनप्रीत, गुरप्रीत, लवप्रीत, रोबिन, गोल्डी, भंडारी लाल, सुखदेव सिंह, गगनदीप, अरमान, अजय कुमार आकाश, सखवीर लाल काकू, अविषेक, हरप्रीत हैप्पी और गांव रामपुर और गांव बिलरो की सभी पंचायतों के निवासी शामिल थे।
