प्रेम और संस्कार के साथ जीना ही पुरुषार्थ है प्रीतम सिंह

करनाल: सेवा भारती के सेवा श्री आश्रम में दीपावली के अवसर पर स्वदेशी एलईडी लड़ी निर्माण करने वाली महिलाओं के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रेम और संस्कार के साथ जीना ही सच्चा पुरुषार्थ है। 
हमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य करना चाहिए। सेवा भारती द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब 6 वर्ष का हो चुका है। प्रारंभ में 11 महिलाओं से शुरू हुआ यह प्रयास अब 250 परिवारों तक पहुँच चुका है। इस दीपावली सीज़न में 31,000 से अधिक स्वदेशी एलईडी लड़ियाँ बनाई गईं, जिससे महिलाओं को लगभग 8 लाख रुपये की आमदनी हुई।

कार्यक्रम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया —

प्रथम पुरस्कार: पूनम (गांव संघोई ग्रुप)

द्वितीय पुरस्कार: पारुल (गांव संघोई ग्रुप)

तृतीय पुरस्कार: संगीता (गांव नंगला रोड़ान ग्रुप)

मुख्य अतिथि अमित जैन और कार्यक्रम अध्यक्ष एस.पी. चौहान ने महिलाओं के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भावना को मजबूत करने वाला प्रेरक प्रयास है।