हर ग्राम सभा में आजीविका संवाद हो डॉ चौहान

नीलोखेड़ी 11 अक्तूबर: हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत की असली ताकत उसके गाँवों में बसती है। जब गाँव आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। डॉ. चौहान हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मिशन का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान सभागार में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद को मज़बूत करने वाला कार्यक्रम है, जो गरीब परिवारों को आत्मविश्वास, कौशल और सम्मानजनक आजीविका प्रदान करता है।
डॉ. चौहान ने कहा कि हरियाणा में वर्तमान में लगभग 70,000 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें साढ़े पांच लाख से अधिक महिलाएँ आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि इन समूहों ने मसाला निर्माण, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, बायोफर्टिलाइज़र और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर अपनी पहचान बनाई है।
डॉ. चौहान ने कहा कि इन महिलाओं ने सिद्ध किया है कि अगर अवसर और प्रशिक्षण मिले तो गाँव की नारी केवल गृहिणी नहीं, बल्कि उद्योगिनी भी बन सकती है। ये समूह सहायता की नहीं, संगठित प्रयास की प्रतीक बन चुके हैं।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मिशन की सफलता तभी सार्थक होगी जब हर ग्राम सभा में “आजीविका संवाद” आयोजित हो और गाँव के युवाओं, किसानों व महिलाओं को उनकी प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण एवं विपणन सहायता मिले।
डॉ. चौहान ने कहा कि डिजिटल तकनीक और ई-कॉमर्स के माध्यम से गाँवों के उत्पाद अब राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहे हैं यही वोकल फॉर लोकल का सच्चा रूप है।
उन्होंने प्रतिभागियों से मिशन के कार्य और प्रशिक्षण पर फीडबैक भी लिया तथा उन्हें अपने फील्ड अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया।
अंत में डॉ. चौहान ने कहा कि “ग्रामीण आजीविका मिशन केवल गरीबी उन्मूलन की योजना नहीं, बल्कि यह ग्राम गौरव और स्वावलंबन का जनांदोलन है।”
कार्यक्रम के समन्वयक सहायक आचार्य सुशील मेहता ने निदेशक का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया और मिशन की प्रगति पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि आइजैक फ्रांसेस, राजिंदर, स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर, देविंद्र, डी पी एम, यमुनानगर, सोनल शर्मा, सौरभ अरोड़ा, गोरी भी उपस्थित रहे।