किरती किसान यूनियन पंजाब आपको 5 मार्च को चंडीगढ़ पहुंचने का न्योता देती है।

नवांशहर 26 फरवरी- आज किरती किसान यूनियन एरिया बंगा की एक मीटिंग गांव काहमा में हुई। मीटिंग को संबोधित करते हुए किरती किसान यूनियन के जिला सचिव तरसेम सिंह बैंस ने कहा कि हालांकि केंद्र सरकार ने तीन काले कानून वापस ले लिए हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने उन्हें नए कृषि विपणन मसौदे के रूप में राज्य सरकारों को लागू करने के लिए भेज दिया है। 
हालांकि पंजाब सरकार इस नए कृषि विपणन मसौदे को खारिज करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पेश कर रही है, लेकिन पंजाब सरकार इसे लागू करने के लिए पहले ही स्वीकार कर चुकी है। इसलिए किरती किसान यूनियन पंजाब इस कृषि विपणन मसौदे का विरोध करने और किसानों को लामबंद करने के लिए 5 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान को लागू करने के लिए गांव काहमा, माहिल गेहलां और अन्य गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित कर रही है। 
एरिया बंगा अध्यक्ष जरनैल सिंह काहमा ने भी मीटिंग को संबोधित किया और कहा कि मक्का, मूंग, आलू, गोभी और मटर की फसलों पर एमएसपी दी जानी चाहिए ताकि किसानों को धान के चक्र से बाहर निकाला जा सके। इसके साथ ही किसानों का कर्जा माफ किया जाए। किसान संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों को मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। 
उन्होंने किसानों से लामबंद होने का आह्वान करते हुए कहा कि 5 मार्च को चक्का जाम करके चंडीगढ़ चलें ताकि किसानों की मांगें मानी जाएं। इस समय स्वर्ण सिंह नंबरदार, जरनैल सिंह, सुरिंदर सिंह, कश्मीर सिंह, सोहन सिंह अटवाल, कश्मीर सिंह मल्लपुर अरकां, निर्मल सिंह नंबरदार मल्लपुर अरकां, महिंदर सिंह व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।