मुक़दमे की फ़ाइल ईशान कोण में ही रखेंडॉ भूपेंद्र वास्तुशास्त्री

होशियारपुर:- हमारे द्वारा निर्मित भवन केवल ईंट पथर सरियों से बनी एक असाधारण इमारत नहीं बल्कि हमारे जीवन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, शारीरिक,आर्थिक,मानसिक,न्यायायीक पहलू पर आधारित एक वैदिक,वैज्ञानिक सूक्ष्म ऊर्जा का विज्ञान है ऐसा मानना है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद एवं लेखक डॉ भूपेन्द्र वास्तुशास्त्री का। वास्तु में दिशाओं के साथ कोणों को अति महत्वपूर्ण माना गया है। 
इसमें ईशान कोण को बुद्धि,विवेक ,सत्य एवं न्याय का प्रतीक माना गया है। आग्नेय कोण को विवाद, अलगाव, क्रोध , तनाव एवं फ़साद का प्रतीक माना गया है। नेरीत्य कोण को,कलह कलेश,ऋण,रहस्मयों का कारक,लड़ाई झगड़े का प्रतीक माना गया है। वायव्य कोण को दुश्मनी, सामाजिक मतभेद, ऋण, स्थान परिवर्तन का प्रतीक माना गया है।
 इन प्रतीकात्मक सिद्धांत के अनुसार किसी भी प्रकार का कोई मुक़दमा, फ़ाइल्स, दस्तावेज़ ईशान कोण में रखने से न्याय की उम्मीद बढ़ जाती है जो सही होगा वही निर्णय प्राप्त होगा। हमारे कार्यालय या घर में रखी फ़ाइल्स मामूली कागजों के टुकड़े नहीं होते वे हमारे मानसिक और ऊर्जा को प्रभावित करती हैं। 
ईशान कोण के अलावा किसी भी स्थान पर जहाँ तहाँ अव्यवस्थित तरीक़े से रखी फ़ाइल्स आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। न्यायालय फ़ाइल्स के साथ कभी भी चेक बुक, एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, अंक तालिका आदि को नहीं रखना चाहिए। सभी प्रकार की फ़ाइल्स को लकड़ी की अलमारी, संदूक आदि में सुव्यवस्थित रखनी चाहिए।