हर टूटे हुए सपने को न्याय मिले हर मेहनत को उसका अधिकार

करनाल, 22 जुलाई:- ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के "छात्रों की गूंज" अभियान के प्रभारी अमित सियाग की उपस्थिति तथा जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के अध्यक्ष पराग गाबा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सोमिल संधू, जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राजेश वैध, भुप्पी लाठर, जिला मीडिया इंचार्ज संदीप महाजन, यूथ अध्यक्ष रादौर जितेंद्र नरवाल तथा एडवोकेट रजत सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में असहनीय देरी, परीक्षा प्रणाली में बढ़ती अनियमितताओं तथा लाखों युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ "छात्रों की गूंज" अभियान अब एक सशक्त जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। यह अभियान केवल कुछ मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन करोड़ों विद्यार्थियों की उम्मीदों, संघर्षों और सपनों की आवाज़ है, जिन्होंने वर्षों की कठिन मेहनत के बावजूद एक अव्यवस्थित और भ्रष्ट व्यवस्था का दर्द झेला है।
अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक विद्यार्थी अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष दिन-रात की अथक मेहनत, त्याग और अपने परिवार की उम्मीदों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगाता है। लेकिन जब बार-बार पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं, परिणाम महीनों तक लंबित रहते हैं और भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों तक अधर में लटकी रहती हैं, तब केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं के सपने, उनके माता-पिता का विश्वास और पूरे परिवार की उम्मीदें टूट जाती हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अनेक परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास गंभीर रूप से कमजोर किया है। मेहनत और प्रतिभा का सम्मान तभी संभव है, जब व्यवस्था पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो। देश का युवा किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि केवल अपनी मेहनत का सम्मान, समान अवसर और न्यायपूर्ण परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था चाहता है।
"छात्रों की गूंज" अभियान के अंतर्गत देशभर के शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालयों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक छात्र की आवाज़, पीड़ा और सुझावों को संगठित रूप से संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है, ताकि उनकी समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, सभी भर्ती प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना, मूल्यांकन प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण की व्यवस्था शामिल है।
अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। यदि युवाओं का विश्वास परीक्षा और भर्ती व्यवस्था से उठ जाएगा, तो यह केवल विद्यार्थियों का नहीं बल्कि देश के भविष्य का सबसे बड़ा नुकसान होगा। इसलिए समय की मांग है कि ऐसी परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली विकसित की जाए, जो ईमानदारी, पारदर्शिता, समान अवसर और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित हो।
"छात्रों की गूंज" अभियान देश के प्रत्येक विद्यार्थी की आवाज़ को बुलंद करने, उनकी मेहनत को सम्मान दिलाने और उनके सपनों को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से निरंतर संघर्ष करता रहेगा। क्योंकि जब युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, तभी भारत का भविष्य भी सुरक्षित, मजबूत और उज्ज्वल होगा।