लायंस ओलंपियाड जैसे प्रयास छात्रों का बौद्धिक स्तर मजबूत करते हैं गोपाल चंद कुलरियाँ

रतिया, 06 दिसंबर:- गुरु नानक इंट्रनैशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल रतिया में लायंस ओलंपियाड फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा आयोजित ओलंपियाड परीक्षा का शुभारंभ अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में हुआ। विद्यालय परिसर में आयोजित इस परीक्षा में छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ भाग लिया। 
परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं विद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं।
इस अवसर पर लायंस क्वैस्ट के चेयरमैन गोपाल चंद कुलरियाँ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “शिक्षा बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है और प्रतियोगिताएं उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करती हैं। लायंस ओलंपियाड जैसे प्रयास विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर को सुदृढ़ करते हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करते हैं।” 
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता एवं रचनात्मकता को बढ़ाती हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को मजबूती प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें एक आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर करती हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य नेहा भाटिया ने बताया सामान्य ज्ञान ओलंपियाड परीक्षा में कुल 24 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर अपार उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली। सभी प्रतिभागियों ने अनुशासित ढंग से परीक्षा में भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों में अकादमिक गतिविधियों के प्रति गहरी रुचि और जागरूकता निरंतर बढ़ रही है।
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर गगनदीप सैनी ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए  कहा, “इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं बच्चों के जीवन में अनुशासन, समय-प्रबंधन, निरंतर परिश्रम और आत्मनिर्भरता जैसी महत्वपूर्ण जीवन-मूल्यों का विकास करती हैं। 
ओलंपियाड केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जो बच्चों को स्वयं को परखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में ऐसे मंचों का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे बच्चे प्रारंभिक स्तर से ही चुनौतियों का सामना करना सीखते हैं।” 
उन्होंने आगे कहा कि लायंस ओलंपियाड फाउंडेशन दिल्ली विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए परीक्षा से पूर्व मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री तथा परीक्षा के पश्चात परिणाम विश्लेषण एवं प्रोत्साहन जैसी गतिविधियों के माध्यम से निरंतर प्रयासरत रहता है, जिससे बच्चों को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहती है। 
उन्होंने बताया कि सत्र 2024–25 में फाउंडेशन द्वारा कक्षा 10 के तीन उत्कृष्ट छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया, जो निश्चित रूप से अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। ऐसे सम्मान बच्चों मे उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना को जागृत करते हैं और उन्हें जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
ओलंपियाड परीक्षा के दौरान जोन चेयरमैन प्रदीप बंसल, सचिव राजू अरोड़ा, वरिष्ठ लायन वीरभान बंसल एवं सुखचरण दास अरोड़ा, विद्यालय से निशु जैन, मोनिका, कविता गिरी गिन्नी बाघला, रोज दीप,  लवप्रीत मोंगा,अनु गाबा, रमनदीप  आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर लायन गोपाल चंद ने अपने द्वारा अनूदित पुस्तक 'अपने लोग' प्रिंसिपल मैडम नेहा भाटिया को भेंट की। मैडम नेहा भाटिया ने सभी लायंस सदस्यों का आभार प्रकट किया।