योगासन स्पोर्ट्स को खेल विभाग में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय
रतिया, 4 जुलाई:- हरियाणा सरकार द्वारा योगासन स्पोर्ट्स को आयुष विभाग के स्थान पर खेल विभाग के अंतर्गत शामिल किए जाने के ऐतिहासिक निर्णय तथा "मन की बात" में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा योगासन की वैश्विक उपलब्धियों के उल्लेख पर योग जगत में उत्साह है। पतंजलि योग समिति व भारत स्वाभिमान हिसार मंडल प्रभारी मदन गोपाल आर्य तथा जिला मीडिया प्रभारी सुरेश मंगला ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों योगासन खिलाड़ियों,प्रशिक्षकों और युवाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है। इससे योगासन स्पोर्ट्स को नई पहचान और नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योग जीवन-पद्धति और स्वास्थ्य की भारतीय परंपरा है,जो पूर्ववत आयुष विभाग में ही संचालित होगी। केवल प्रतियोगितात्मक योगासन को खेल के रूप में खेल विभाग में शामिल किया गया है। यह निर्णय योग की मूल भावना को बनाए रखते हुए खेल के विकास के लिए मील का पत्थर है। खेल विभाग में शामिल होने से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएँ, नियमित प्रतियोगिताएँ, छात्रवृत्तियाँ और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे।
दोनों पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी,खेल मंत्री व प्रदेश सरकार का आभार जताया। कहा कि इस निर्णय से हरियाणा में योग और योगासन को नई गति मिलेगी और युवाओं में स्वास्थ्य व खेल के प्रति नई ऊर्जा आएगी। उन्होंने कहा कि भारत स्वाभिमान न्यास,पतंजलि योग परिवार व योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन वर्षों से योग को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश की प्रतिभाओं को नई उड़ान मिलेगी।
"मन की बात" में अहमदाबाद में हुई प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत द्वारा 114 पदक,जिनमें 102 स्वर्ण हैं,जीतने का उल्लेख पूरे देश के लिए गौरव की बात है। यह योगासन को वैश्विक खेल बनाने की दिशा में बड़ा प्रमाण है। दोनों ने विश्व योगासन परिवार, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी मिलकर योग की इस विरासत को विश्व तक पहुँचाने का संकल्प लें।
