हकृवि को बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर के लिए मिला पेटेंट
हिसार 2 मार्च:- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने मधुमक्खी पालन के बेहतर प्रबंधन में सहायक उपकरण ‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ तैयार किया है। विकसित किए गए इस उपकरण को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने इस उपलब्धि के लिए हकृवि के पूर्व वैज्ञानिक प्रो. ओ.पी. चौधरी को बधाई दी है।
कुलपति प्रो. काम्बोज ने बताया कि यह मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो मधुमक्खी कॉलोनी के बेहतर प्रबंधन में सहायक है। इसके उपयोग से मधुमक्खियों के सबसे घातक दुशमन वरोआ माइट की प्रभावी रोकथाम के साथ-साथ भारतीय शहद में घातक रासायनों के अवशेषों से निजात पाने में अभूतपूर्व सहायता मिलेगी।
यह मधुमक्खियों की कार्य क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ शहद उत्पादन एवं परागण क्षमता में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि यह उपकरण मधुमक्खी छतों में स्ट्रिप्स के सही प्रयोग व इन्हे मोम के छत्तों से सही दूरी पर रखने में सहायक है, जिससे मधुमक्खियों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा नहीं आती।
** मधुमक्खी छत्ता स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर की खासियत
प्रो. ओपी चौधरी जो कि हकृवि के क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, करनाल के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक तथा केन्द्रीय मधुमक्खी अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान पूना के पूर्व निदेशक रहे हैं, उन्होंने इस उपकरण की खासियत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फूड ग्रेड प्लास्टिक से बना है, जिसे तीन मिलीमीटर गोलाकार ठोस ट्यूब में ढाला गया है। इसमें टॉप बार को मजबूती से पकडऩे के लिए दो मुड़े हुए साइड स्पोर्ट होते हैं।
दो टॉप स्पोर्ट मधुमक्खी फ्रेम के टॉप बार पर टिके होते हैं और बीच में 15 मिलीमीटर चौड़ाई और गहराई वाला वी-बेंड वरोआ माइट की रोकथाम में प्रयुक्त होने वाली रासायनिक स्ट्रिप (पट्टी) को दो फ्रेमों के बीच लटकाने हेतु सही हेंगिंग प्लेटफार्म प्रदान करता है। मेडिकेटेड स्ट्रिप को वी बेंड में डालने के बाद, बी हाइव स्ट्रिप हैंगर-कम-स्पेसर को दो फ्रेमों के टॉप बार पर रखा जाता है। इस प्रकार दो फ्रेम के बीच 15 मिलीमीटर की समान दूरी बनी रहती है।
यह विशिष्ठ दूरी मेडिकेटेड स्ट्रिप को मोम के छत्तों के संपर्क में आए बिना दो फ्रेमों के बीच बिल्कुल सही प्रकार से लटकने देती है। यह बढ़ी हुई जगह मधुमक्खियों को मेडिकेटेड स्ट्रिप तक स्वतंत्र पहुंच प्रदान करती है जिससे पूरी मधुमक्खी कॉलोनी में माइटनाशी/दवाई का कीटनाशकों पर समान रूप से वितरण संभव हो जाता है। फ्रेम के बीच की पूरी लंबाई में यह स्ट्रिप इसे मधुमक्खी के मोम के संपर्क में नहीं आने देती। इस प्रकार कीटनाशकों को छत्ते और शहद में फैलने से रोकती है।
उन्होंने बताया कि यह विश्व भर में मधुमक्खियों के सबसे खतरनाक दुश्मन-एक्टोपैरासिटिक माइट वरोआ डिस्ट्रक्टर के प्रबंधन के लिए सबसे सस्ता, प्रभावी और सुरक्षित उपकरण है। उन्होंने बताया कि इस उपकरण से हानिकारक रासायनों से मुक्त शहद, पराग, प्रो पोलिस आदि जैसी अन्य छते उत्पाद मनुष्यों को मिल सकेंगे।
एक कॉलोनी में मेडिकेटेड स्ट्रिप लगाने में केवल 15 सेकंड लगते हैं और हर बार मधुमक्खी बक्सा खोलते हुए फ्रेमों को निश्चित दूरी पर रखने की समस्या का भी हल हो जाता है। ‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ मजबूती व डिजाइन के कारण यह बहुत लम्बे समय तक प्रयोग में लाया जा सकता है।
