हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय: शिक्षा का मंदिर या अत्याचार का अड्डा? सांसद सुरजेवाला

हरियाणा/हिसार: क्या हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (HAU) अब शिक्षा का मंदिर नहीं, बल्कि भय और उत्पीड़न का अड्डा बन गया है? राज्यसभा सांसद  रणदीप सिंह सुरजेवाला ने माननीय राज्यपाल, हरियाणा को एक सनसनीखेज पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए "बर्बर हमलों" और हजारों गरीब छात्रों से छात्रवृत्ति छीने जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेष रूप से कुलपति के कार्यालय, इस "अत्याचार" में सीधा शामिल है।
सुरजेवाला ने अपने तीखे पत्र में कहा है कि HAU, जो कभी ज्ञान का केंद्र था, अब "भयावह रूप से विकृत" हो चुका है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति कार्यक्रम से अचानक 233 छात्रों को बाहर करने को "क्रूर घातक चोट" बताया है, खासकर उन छात्रों के लिए जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग से आते हैं। "यह कुलपति के प्रतिशोधपूर्ण और मनमानी का जीता-जागता सबूत है," उन्होंने आरोप लगाया।
पत्र में विश्वविद्यालय के भीतर एक "अंधेरे युग" की भयावह तस्वीर पेश की गई है:
 * छात्रवृत्ति पर हमला: 13 मई, 2025 को HAU प्रशासन द्वारा जारी एक परिपत्र ने स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के लगभग 233 छात्रों की छात्रवृत्ति छीन ली।  सुरजेवाला ने इस कार्रवाई को "प्रतिशोधी" और विश्वविद्यालय की छवि को "गंभीर नुकसान" पहुंचाने वाली बताया। "यह गरीब छात्रों के भविष्य पर सीधा हमला है!" उन्होंने कहा।
 * 10 जून की 'ब्लैक नाइट': 10 जून, 2025 को विश्वविद्यालय में कथित तौर पर एक "काला अध्याय" दर्ज हुआ, जब सुरक्षा अधिकारी, डीन वेलफेयर और CSUO जैसे अधिकारियों ने छात्रों पर बेरहमी से हमला किया, उन्हें पीटा और यहां तक कि एक छात्र को गंभीर आंतरिक चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। "यह गुंडागर्दी की पराकाष्ठा है,"  सुरजेवाला ने आक्रोश व्यक्त किया।
 * प्रशासनिक अराजकता: पत्र में विश्वविद्यालय के भीतर व्यापक कुप्रबंधन, धन के दुरुपयोग और पक्षपात का खुलासा किया गया है। आरोप है कि शिक्षकों, कर्मचारियों और रजिस्ट्रार की नियुक्तियां बिना किसी उचित प्रक्रिया के की जा रही हैं। इससे भी अधिक चौंकाने वाला आरोप यह है कि कुलपति की पत्नी और उनके परिवार के सदस्य विश्वविद्यालय के प्रशासनिक मामलों में "अस्वीकार्य हस्तक्षेप" कर रहे हैं।
 * स्वतंत्रता का गला घोंटा जा रहा है:  सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति के इशारे पर, उन छात्रों को लगातार परेशान कर रहा है जो अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं। छात्रों को मनगढ़ंत मामलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें "बिना किसी कारण के" पुलिस के सामने पेश होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
सांसद सुरजेवाला ने माननीय राज्यपाल से इस "अराजकता" पर तत्काल ध्यान देने और एक निष्पक्ष जांच का आदेश देने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि सभी जिम्मेदार व्यक्तियों को कानून के कटघरे में लाया जाए और HAU में शिक्षा के मंदिर को पुनर्जीवित किया जाए, जहां छात्र सुरक्षित महसूस कर सकें और शैक्षणिक उत्कृष्टता फल-फूल सके।
 सुरजेवाला ने कहा, "हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को लोकतंत्र, स्वायत्तता और कानून के शासन का प्रतीक होना चाहिए, न कि अत्याचार और मनमानी का!"
पृष्ठभूमि:
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय हाल के दिनों में अपने छात्रवृत्ति कार्यक्रमों में बदलाव और कथित प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर विवादों के घेरे में रहा है, जिससे छात्र समुदाय और अकादमिक हलकों में व्यापक चिंता फैल गई है।