गुरुनानक मिशन सर्विस सोसायटी ने प्रतिभावान विद्यार्थियों व खिलाड़ियों को सम्मानित किया

नवांशहर - जिला शहीद भगत सिंह नगर की गुरु नानक मिशन सेवा सोसायटी के 2023-24 सत्र के दौरान पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों और पंजाब स्कूल खेलों में कुश्ती और एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले विजेताओं का  होटल किंग्स रीजेंसी में आयोजित एक भव्य और प्रभावशाली समारोह के दौरान विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान 22 बच्चों को प्रमाणपत्र और दरबार साहिब के मॉडल उपहार स्वरूप दिए गए। इन बच्चों में बारहवीं कक्षा के पांच, दसवीं कक्षा के नौ, आठवीं कक्षा के चार, जिला शहीद भगत सिंह नगर के कुश्ती और फुटबॉल अंडर 17 कक्षाओं के अलावा सीबीएसई की बारहवीं और दसवीं कक्षा से प्रथम आने वाले बच्चे शामिल हैं। जिले के शामिल थे इसके साथ ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/शिक्षकों को भी अच्छा प्रदर्शन करने एवं अपने-अपने विद्यालय का नाम रोशन करने हेतु सम्मानित किया गया।
यह जानकारी साझा करते हुए गुरु नानक मिशन सर्विस सोसाइटी के मुख्य सेवक सुरजीत सिंह ने कहा कि ईश्वर की कृपा से सोसाइटी पूरे देश में धार्मिक आयोजन कर सर्वजन हिताय गुरु नानक साहिब के मिशन का संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रही है। जिले में बढ़ती सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए युवाओं को आध्यात्मिक शिक्षा से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा के क्षेत्र में लोगों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं कम या बहुत कम दरों पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोसायटी शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षित बेरोजगार बच्चों को नौकरी दिलाने के लिए परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग सेंटर भी चला रही है. इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. हनवंत सिंह (पीटीसी नेटवर्क) ने पंजाबी बच्चों से भावनात्मक अपील की कि उन्हें रोजगार के लिए विदेश जाने के बजाय देश में ही रहकर अपना और अपने खूबसूरत पंजाब का भविष्य सुरक्षित करना चाहिए। इस अवसर पर सोसायटी के मुख्य संरक्षक ज्ञानी सरबजीत सिंह लुधियाना ने कहा कि उपरोक्त सेवाओं के अलावा, गुरु नानक मिशन सर्विस सोसायटी अब बच्चों की शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उनकी जरूरतों का तब तक ख्याल रखेगी जब तक कि वे सफल न हो जाएं। उच्च शिक्षा प्राप्त कर उच्च सरकारी पदों पर पहुँचें ताकि बच्चों में रोजगार के लिए विदेश जाकर छोटी-मोटी मजदूरी करने की प्रवृत्ति कम हो सके। उन्होंने रोजगार के लिए विदेश गए युवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज बहुत पढ़े-लिखे युवा जो पंजाब में अच्छी नौकरी पाने के बजाय विदेश जाना पसंद कर रहे हैं, हमें इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर श्री गुरबख्श सिंह खालसा उपाध्यक्ष शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी ने समाज द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किये जा रहे योगदान की भूरि-भूरि सराहना की इनमें तरलोचन सिंह पूर्व सदस्य एसजीपीसी, समाज सेवी हरदेव सिंह काहमा, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सतनाम सिंह जलालपुर, विनोद भारद्वाज अध्यक्ष आर्य समाज नवांशहर ने भी अपने संबोधन के दौरान मेधावी बच्चों को बधाई और आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि श्री तरसेम लाल जी ने बच्चों के प्रति अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी मिट्टी और अपनी संस्कृति के प्रति अपना प्यार कभी नहीं छोड़ना चाहिए। देश-विदेश में रहते हुए पंजाब का मान-सम्मान ऊंचा रखने का प्रयास करें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पांच सामाजिक सेवा संगठनों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया
इस सम्मान समारोह में स्कूली बच्चों के अलावा उनके प्रधानाचार्य/शिक्षक, अभिभावक, क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां तथा जिले भर से धार्मिक एवं सामाजिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधि भी विशेष रूप से शामिल हुए।
बच्चों को आशीर्वाद और बधाई देने वालों में मदन गोपाल सीनियर एडवोकेट, जसपाल सिंह जडली, विरिंदर बजार प्रधान आवाज, नरेश सूरी, मदन लाल चेची, तरूणजीत सिंह थांदी, तरसेम सिंह वारिया, प्रदीप सुदिहारा, रघवीर सिंह पाबला, दिनेश कुमार पूर्व जिला शामिल हैं। शिक्षा अधिकारी, कमलजीत सिंह सैनी सेवानिवृत्त मंडलायुक्त, दिलबाग सिंह बागी, ​​कुलजिंदरजीत सिंह सोढ़ी बंगा, दीदार सिंह डीएसपी, उत्तम सिंह सेठी, बलवंत सिंह सोइता, महेंद्र पाल सिंह जलवाहा, तरलोचन सिंह खटकड़ कलां, सुरिंदर सिंह करम लाधाना, परविंदर सिंह सुधा माजरा , सुखवंत सिंह चीमा, अमरीक सिंह बचूरी, जगजीत सिंह सैनी, इंदरजीत सिंह बहारा, जगदीप सिंह, जसकरन सिंह हंसरोन, महिंदर पाल प्रधान, जगजीत सिंह बाटा, जगदीप सिंह, मुखविंदरपाल सिंह सिंह, जगजीत सिंह बाटा, परमिंदर सिंह, सिंह, मनमोहन सिंह हकीक सिंह ज्ञान सिंह, गुरमुख सिंह उस्मानपुर, कुलविंदर सिंह भिन, कुलजीत सिंह खालसा, गुरचरण सिंह पाबला, दलजीत सिंह, हरमेश सिंह भट्टी, इंद्रजीत शर्मा, बख्शीश सिंह, सुरजीत सिंह मेहतपुर, गुरबख्श सिंह, लछमन सिंह और प्रीतम सिंह अलाचौर अन्य भी शामिल थे.