मधु सागर का भव्य विमोचन मुशायरे ने बांधा समां
पटियाला:- परवाना गेस्ट हाउस में “अंजुमन” के तहत मधु मधुमन की जानिब से एक खूबसूरत महफ़िल सजाई गई। मौक़ा था मधु मधुमन की किताब “मधु सागर”, जो कि एक कुल्लियात है, के विमोचन का। इसके साथ ही एक शानदार मुशायरा/कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अदब की दुनिया के जाने-माने नाम, देहरादून के शाइर जनाब अंबर खरबंदा जी ने की, और मुख्य अतिथि रहे अंबाला के बेहतरीन, नामचीन शाइर डॉ. नफ़स अंबालवी जी। विशिष्ट अतिथि के तौर पर नागपुर के जाने-माने तंज़ो-मिज़ाह की शायरी करने वाले, मिज़ाहिया कलाम के साहिब-ए-दीवान जनाब शादाब अंजुम जी मौजूद रहे।
किताब पर इज़हार-ए-ख़याल पेश किया दिल्ली से तशरीफ़ लाई मशहूर शाइरा सपना अहसास जी ने। कार्यक्रम की बेहतरीन निज़ामत उम्दा शाइरा और कुशल नाज़िम अंजलि सिफ़र ने की।
फूल-मालाओं से ख़ास मेहमानों का स्वागत कर मंच सजाने के बाद, बाक़ी सभी मेहमान शाइरों का भी स्थानीय शाइरों द्वारा फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष और मुख्य अतिथि द्वारा शम्अ रोशन की गई, और उसके बाद किताब का विमोचन किया गया।
तत्पश्चात, किताब पर सपना अहसास जी और अंबर खरबंदा जी ने अपने विचार पेश किए।
कार्यक्रम में मेहमान शाइरों के तौर पर देहरादून से शादाब अली, चरखी दादरी (हरियाणा) से पुष्प लता आर्य, अमृतसर से डॉ. अनिशा अंगिरा, फ़रीदाबाद से दिव्या निकहत, चंडीगढ़ से करन सहर, अंबाला से किरन जैन और मनीषा नारायण “मन” तशरीफ़ लाए।
पटियाला से परविंदर शोख़, हरिदत्त हबीब, सागर सूद, तेजिंदर अंजाना, डॉ. मंजू अरोड़ा, अलका अरोड़ा, डॉ. पूनम गुप्त, सरिता नौहरिया और पुनीत गोयल ने भी शिरकत की।
सभी शाइरों/कवियों की पेशकश बेहद उम्दा और मेयारी रही। सबको बहुत ध्यान से सुना गया और खूब सराहा गया।
कार्यक्रम के पश्चात सभी को मोमेंटो और किताबें भेंट की गईं। मेज़बान मधु मधुमन जी ने सभी मुअज़्ज़िज़ मेहमानों का दिल से शुक्रिया अदा किया।
