समरसता संकल्प अभियान के तहत संतोषगढ़ से निकली भव्य कलश वंदन यात्रा
संतोषगढ़/ऊना, 2 अगस्त (राजवीर चोपड़ा): संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत रविवार को संतोषगढ़ के ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास मंदिर से भव्य कलश वंदन यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु रविदास महाराज के समता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा जातिवाद और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेना रहा।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर, राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल तथा विधायक सतपाल सिंह सत्ती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थली से लाए गए 17 पवित्र कलशों का विधिवत पूजन किया गया। इन कलशों में जन्मस्थली की पावन मिट्टी और गंगाजल का मिश्रण रखा गया है, जिन्हें बाद में भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश के 17 संगठनात्मक जिलों के मंदिरों के लिए रवाना किया गया।
शोभायात्रा के दौरान विधायक सतपाल सिंह सत्ती सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। पूरे मार्ग में गुरु रविदास महाराज के जयकारों, गुरबाणी और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का व्यापक जन-अभियान है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने समानता, मानवता और प्रेम का संदेश दिया, जिसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से जातिवाद और सामाजिक विभाजन की मानसिकता से ऊपर उठकर गुरु रविदास महाराज के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी स्थित गुरु रविदास जन्मस्थली के विकास, कांस्य प्रतिमा की स्थापना तथा संग्रहालय निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से महान संत की विरासत को नई पहचान मिली है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि यह अभियान वर्ष 2027 में 20 फरवरी को मनाई जाने वाली गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती तक पूरे प्रदेश में जारी रहेगा। इसके अंतर्गत विभिन्न जिलों में कलश यात्राओं के माध्यम से सामाजिक समरसता, राष्ट्रभावना और विकसित भारत के संकल्प का संदेश दिया जाएगा।
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि गुरु रविदास महाराज की विचारधारा जातिवाद से मुक्त और समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि तथा पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखा गया है। साथ ही उनकी जन्मस्थली तक रेल सेवा भी प्रारंभ की गई है।
राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार ने कहा कि गुरु रविदास महाराज की दूरदर्शी सोच विकसित भारत के निर्माण और सामाजिक समरसता की मजबूत आधारशिला है। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने समरसता संकल्प अभियान को समाज में समानता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को सशक्त करने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
कार्यक्रम के दौरान संत रामकिशन एवं संत ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचनों के माध्यम से गुरु रविदास महाराज के जीवन-दर्शन से अवगत कराया। दीप बिंजी कीर्तन मंडली ने गुरबाणी और भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भाव-विभोर कर दिया।
गुरु रविदास मंदिर कमेटी के प्रधान कुलविंदर सिंह बैंस, जोड़ मेला कमेटी के चेयरमैन बलवंत सिंह तथा बलवीर बग्गा ने सभी अतिथियों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के उपरांत संगत के लिए विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक कमलेश कुमारी, बलवीर चौधरी, राजेश ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो, हरोली भाजपा नेता प्रो. राम कुमार, एससी मोर्चा अध्यक्ष मनीष चौहान, महामंत्री अजय कबीर, सुमीत शर्मा, महिला मोर्चा से डेजी ठाकुर, जिला परिषद उपाध्यक्ष अविनाश मेनन, जिला परिषद सदस्य पवनजीत सिंह, बीडीसी ऊना अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल, नगर परिषद संतोषगढ़ की अध्यक्षा अंजना चब्बा, उपाध्यक्ष संदीप पहेश, लखवीर लक्खी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
