मुआवजा देने को लेकर सरकार की घोषणा किसानों के साथ क्रूर मजाक विष्णुदत्त

फतेहाबाद, 11 दिसम्बर:- अखिल भारतीय किसान सभा ने खरीफ फसलों के खराबे का मुआवजा देने बारे सरकार द्वारा की गई घोषणा को मामूली और सरकार द्वारा किसानों के साथ किया गया क्रूर मजाक बताया है। प्रदेश में 5 लाख 29 हजार किसानों ने पोर्टल पर अपने नुकसान को दर्ज करवाया परंतु इसमें से मात्र 50 हजार किसानों के लिए ही सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है।
किसान सभा के जिला प्रधान विष्णु दत्त शर्मा, किसान नेता रोहतास डुडी, मनीष गोरखपुरिया, अजय माचरा, संदीप कुमार ने कहा कि खरीफ की फसलों के दौरान हुई अत्यधिक बारिश,जलभराव से प्रदेश के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए थे और धान, बाजरे, कपास, गन्ना, ग्वार इत्यादि फसलों में बड़ा भारी नुक्सान हुआ था। फतेहाबाद जिले में भी फसलों को काफी नुकसान हुआ था। 
इस प्राकृतिक आपदा से प्रदेश भर में लगभग 31 लाख एकड़ खड़ी फसलें प्रभावित हुई थी, लेकिन अभी जो सरकार ने मुआवजा जारी किया है वो मात्र 1 लाख 20 हजार एकड़ फसलों का ही है। सरकार द्वारा की गई उक्त घोषणा खराबे के अनुपात मे ऊंट के मूंह में जीरे के समान है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार कुल 5.29 लाख किसानों के नुकसान के दावों में 4.75 लाख किसानों को मुआवजा देने से इनकार कर दिया है। 
सरकार किसानों के साथ बड़ी जाल साजी कर रही है और मुआवजा न देना पड़े, इसके लिए आपत्तियां लगाकर मुआवजे काटे गए हैं जिससे बड़ी संख्या में किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। किसान सभा हरियाणा मांग करती है कि इस आंकलन को रद्द करके वास्तविक नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा से परामर्श करके सांझी विरोध कारवाईयां तय की जाएंगी।