किसानों की बिगड़ती आर्थिक हालत के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेवार विष्णुदत्त

फतेहाबाद, 4 जनवरी:- जलभराव से फसलों व ढाणियों को हुए नुकसान का मुआवजा व बीमा क्लेम के भुगतान की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक 5 जनवरी को दोपहर 12 बजे ताऊ देवीलाल पार्क, भट्टू मण्डी में होगी। बैठक में किसानों की मांगों पर चर्चा के बाद आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। यह जानकारी किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा ने की। 
वह आज गांव बड़ोपल व आसपास की ढाणियों के किसानों की जनरल बॉडी की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मीटिंग की अध्यक्षता शंकर लाल ने की। इस अवसर पर किसान सभा द्वारा बड़ोपल व ढाणियों में सदस्यता अभियान की भी शुरूआत की गई। सदस्यता अभियान को लेकर 25 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया।
 इसमें हंस राज गोदारा पंचायत मैम्बर को प्रधान, सतबीर सिंह कड़वासरा को सचिव, भगवान दास को सह सचिव, पवन गोदारा को कोषाध्यक्ष, सुन्दर सिंह, श्याम सुंदर, रामनिवास, कुलदीप गोदारा को उप प्रधान तथा रामधारी, विजेन्द्र कड़वासरा, रामधारी, सुशील कुमार, हवासिंह, राधेश्याम गोदारा, राम गोपाल, सलेन्दर, सुनील, राम निवास, सुभाष गोदारा, धर्मपाल, सिगा राम डूंगर, रामेश्वर ज्याणी, रमेश, अमनदीप को कमेटी सदस्य बनाया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान विष्णुदत्त ने कहा कि सरकार की उदासीनता और किसान विरोधी नीतियों की वजह से किसान और मजदूर कर्जे के बोझ तले दबता जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद का झूठा प्रचार किया जाता है लेकिन वास्तविकता इसकी उलट है। खेतों में प्राकृतिक आपदा से फसलें खराब हो रही है। 
रही सही कसर सरकार पूरी कर देती है। न तो किसानों को खराब फसलों का मुआवजा दिया जा रहा है और न ही फसलों के उचित भाव मिल पाते हैं। ऐसे में किसान की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बीमा कंपनियों द्वारा क्लेम व जल भराव से हुए नुकसान का एक पैसा भी अभी तक किसानों के खातों नहीं डाला गया। 
उन्होंने सरकार से मांग की कि बड़ोपल के किसानों को वर्ष 2022 का लगभग 7 करोड़ के बकाया मुआवजे के अलावा वर्ष 2023, 24 व 25 में जलभराव से फसलों व ढाणियों को हुए नुकसान का मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। टूटे हुए खालों की तुरंत मुरम्मत करवाई जाए। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी को होने वाली बैठक में इन सब मुद्दों पर चर्चा के बाद आगामी आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।