जनहित समिति फ्री सिलाई सिखलाई केंद्र की लड़कियों ने समिति का जताया आभार

पटियाला:- जनहित समिति (पंजीकृत) पटियाला के प्रधान श्री एस के गौतम और जनरल सेक्रेट्री श्री विनोद कुमार शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में गुरबख्श कालोनी पटियाला में चलाए जा रहे फ्री सिलाई कढ़ाई सिखलाई केंद्र का समिति के संस्थापक सदस्य अनिल कुमार भारती और नवीन सदस्या जपलीन कौर ने विशेष रूप दौरा किया। समिति द्वारा चलाए जा रहे इस केंद्र की लड़कियों ने बताया कि इस जनहित सिलाई कढ़ाई सिखलाई केंद्र  की टीचर दीदी बहुत अच्छी तरह से सिलाई कढ़ाई आदि का सारा काम करना सिखाती हैं। कई महिला शिक्षार्थियों ने कहा कि पहले उनकी बेटियों और पुत्रवधुओं ने इस केंद्र से सिलाई का काम सीखा है। उसके बाद उन्होंने ही इन्हें केंद्र में आकर सिलाई कढ़ाई सीखने की प्रेरणा दी है और इसीलिए इन माताओं ने सिलाई सीखने का काम आरम्भ किया है। अधिकतर लड़कियों ने बताया कि अब वे सिलाई के काम में इतनी ट्रेंड हो गई हैं कि अपने कपड़े तो वो सिलती ही हैं, अपने घर के सदस्यों के कपड़े भी स्वयं सिल कर बहुत बचत कर रही हैं।
कई महिलाओं ने तो औरों के कपड़े सिल कर अपने घर का खर्च भी खुद वहन करना शुरू कर दिया है।
समिति की नवीन सदस्या जपलीन कौर ने केंद्र की लड़कियों द्वारा बहुत अच्छी तरह से सिले गए सूटों का मुआइना किया और अपनी खुशी जाहिर करने के साथ साथ उन्हें और अधिक तन्मयता से सिलाई कढ़ाई कार्यों को सीखने की प्रेरणा भी दी। सिलाई कढ़ाई सिखलाई केंद्र की सभी लड़कियों और महिलाओं ने जनहित समिति (पंजीकृत) पटियाला का दिल से धन्यवाद भी किया, जिनके द्वारा यह केंद्र खोलने के कारण उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिला है।
समिति के संस्थापक सदस्य अनिल कुमार भारती ने बताया कि जनहित समिति द्वारा शहर में सिलाई कढ़ाई सिखलाई केंद्रों, कंप्यूटर सैंटरों और ब्यूटीशियन ट्रेनिंग सेंटर  खोलने के पीछे समिति के संस्थापक श्री ओमप्रकाश कौशिश की यह सोच थी कि लड़कियों को सदा कोई न कोई हुनर या कला अवश्य सिखाई जानी चाहिए ताकि वे जीवन के हर अच्छे बुरे समय में अपने प्रोफेशनल हुनर के सहारे अच्छी तरह से अपना घर बार चला सकें।
यहाँ यह भी वर्णनीय है कि जनहित समिति (पंजीकृत) पटियाला द्वारा पटियाला में चलाए जा रहे सिलाई कढ़ाई सिखलाई केंद्रों में अपना कोर्स पूरा कर लेने वाली शिक्षार्थियों की परीक्षा पास कर लेने के बाद सफ़ल होने वाली लड़कियों और महिलाओं को सर्टिफिकेट देने के साथ साथ सिलाई मशीनें भी भेंट स्वरूप प्रदान की जाती हैं ताकि वे अपना कोर्स पूरा करने के पश्चात् सिलाई कढ़ाई का काम करके अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।