कोचिंग नहीं रैंकिंग मशीन है जेनिसिस
करनाल,17 फरवरी:- जेनेसिस क्लासिस ने एक बार फिर शानदार परिणाम देकर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता सिद्ध की है। जेईई-मेंस सत्र में संस्थान के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। संस्थान की छात्रा इताशा मलिक ने 99.97 परसेंटाइल तथा संपन कक्कड़ ने 99.93 परसेंटाइल प्राप्त कर जेनिसिस का नाम गौरवान्वित किया। इनके अतिरिक्त गायत्री (99.84), देवांश अग्रवाल (99.82), गौरव सहरावत (99.80), शिवांशु कुमार (99.79), ख्वाइश (99.69), निहार (99.67), रोनित खुराना (99.65) एवं चिरंजीव पराशर (99.61) सहित कुल 50 से अधिक विद्यार्थियों ने 99 परसेंटाइल से ऊपर तथा 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 98 परसेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए।
अपनी सफलता पर छात्रा इताशा मलिक ने कहा,
“मेरा सपना है आई आई टी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियर बनना और जेनिसिस ने मुझे उस सपने के एक कदम और करीब पहुंचा दिया।
संस्थान में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के प्रेरणादायक सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से जीवन के हर उतार-चढ़ाव में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी जाती है। इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक सोच का विकास करना है, ताकि वे जीवन के प्रत्येक चरण में मजबूती से आगे बढ़ सकें।
पिछले 16 वर्षों से निरंतर उत्कृष्ट परिणाम देने वाली जेनिसिस क्लासिस ने न केवल जेईई-मेंस बल्कि नीट, जेईई-एडवांस, एनडीए और सीयूईटी जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
संस्थान के निदेशक जितेंद्र अहलावत तथा नवनीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जेनिसिस क्लासिस ने 16 वर्ष पूर्व अपनी यात्रा प्रारंभ की थी और तभी से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। सभी अध्यापकों ने विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए विद्यार्थी एवं शिक्षक दोनों ही बधाई के पात्र हैं।
जेनिसिस क्लासिस का यह परिणाम एक बार फिर सिद्ध करता है कि समर्पण, अनुभव और सही मार्गदर्शन से सफलता निश्चित है।
