ऊना के लालहरी से नो इंडिया प्रोग्राम तक साहिल धीमान की गौरवपूर्ण यात्रा

ऊना:- हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के छोटे से कस्बे लालहरी से ताल्लुक रखने वाले साहिल धीमान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने परिवार, क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है। साहिल का चयन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित 85वें नो इंडिया प्रोग्राम (Know India Programme – KIP) के लिए किया गया है, जिसमें वे ऑस्ट्रेलिया से चुने गए एकमात्र प्रतिभागी हैं। यह कार्यक्रम विश्वभर से चुने गए प्रवासी भारतीय युवाओं को भारत की संस्कृति, संस्थानों और विकास यात्रा से जोड़ने का एक प्रतिष्ठित मंच है।
साहिल धीमान, विजय धीमान और अनीता धीमान के पुत्र हैं, जो वर्ष 2006 में भारत से ऑस्ट्रेलिया प्रवासित हुए थे। साहिल मात्र तीन वर्ष की आयु में अपने माता-पिता के साथ ऑस्ट्रेलिया चले गए थे, जहाँ वे अपनी जुड़वां बहनों के साथ पले-बढ़े। उनके दादा बलदेव सिंह धीमान, भारतीय सेना के सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक हैं। विदेश में रहने के बावजूद परिवार आज भी अनुशासन, देशभक्ति और भारतीय संस्कारों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
विदेश में पले-बढ़े होने के बावजूद साहिल ने अपनी भारतीय पहचान और हिमाचली जड़ों से निरंतर जुड़ाव बनाए रखा। यही सांस्कृतिक जुड़ाव, वैश्विक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना उनके नो इंडिया प्रोग्राम के लिए चयन का एक महत्वपूर्ण आधार बना।
भारत प्रवास के दौरान साहिल ने विकसित भारत युवा नेता संवाद सहित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागिता की। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में आयोजित संवाद सत्रों में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval के संबोधन तथा भारतीय अंतरिक्ष यात्री Shivanshu Shukla के संवाद सत्र में भी सहभागिता की। इन अनुभवों से उन्हें भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ी नीतियों को समझने का अवसर मिला।
साहिल ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी शिक्षा पूरी करते हुए बिज़नेस मैनेजमेंट तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (डिप्लोमा) में योग्यता प्राप्त की है, जो उनके शैक्षणिक अनुशासन और तकनीकी दक्षता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
वर्तमान में साहिल ऑस्ट्रेलिया में अपने परिवार के इलेक्ट्रिकल एवं ऑटोमेशन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। वे भविष्य में भारत की विकास यात्रा में योगदान देने की योजना रखते हैं और नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों से जुड़ने की आकांक्षा रखते हैं। साहिल प्रधानमंत्री के स्टार्टअप इंडिया जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की संभावनाओं को तलाशने के इच्छुक हैं, ताकि अपने वैश्विक शैक्षणिक और तकनीकी अनुभव के माध्यम से भारत और प्रवासी भारतीय युवाओं के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित किया जा सके।
साहिल धीमान की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि ऊना जिला, हिमाचल प्रदेश और ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी यह यात्रा भारत और उसके प्रवासी युवाओं के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है।