विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
नीलोखेड़ी/ करनाल:- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में प्रभावी विस्तार गतिविधियों के लिए प्रबंधकीय कौशल विषय पर चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डा. संजय कुमार ने की।
डॉ. कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण विस्तार सेवाओं की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसी स्थिति में विस्तार अधिकारियों के लिए प्रबंधकीय जैसे समय प्रबंधन, टीम वर्क, संसाधनों का कुशल उपयोग, संवाद क्षमता और समस्या समाधान कौशल आदि और भी अनिवार्य हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी विस्तार गतिविधि की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि अधिकारी योजना बनाकर, किसानों की आवश्यकताओं को समझकर, उपलब्ध संसाधनों का सही प्रबंधन करते हुए कार्य को कैसे लागू करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों की कार्य दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा और वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि यह संस्थान प्रोफेसर बी. आर. कांबोज, कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के नेतृत्व में उत्तर भारत के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, महिला एवं बाल विकास इत्यादि विभागों के विस्तार अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है।
वित्तीय सहयोग देने के लिए विस्तार निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सराहना भी की। उन्होंने विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डा. बलवान सिंह मंडल का मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनिल कुमार रोहिला ने बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया। डा. रोहिला ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को नेतृत्व कौशल, प्रभावी संचार, सोशल मीडिया, फेक सूचनाओं की पहचान, तकनीकों के प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने व्यावहारिक गतिविधियों और समूह चर्चाओं के माध्यम से भी कौशल विकसित किए। डा. रोहिला ने बताया प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान, करनाल का भ्रमण भी करवाया गया है।
इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना भी की। समापन कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान डा. सत्यकाम मलिक एवं डा. अजय कुमार सहित संस्थान के सभी कर्मचारी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
