देश के किसानों को आर्थिक झटका खाद की कीमतों में 1100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
बठिंडा:- खाद कंपनियों द्वारा किसानों को एक और आर्थिक झटका देते हुए देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली एनपीके खाद की कीमत में 1100 रुपये प्रति क्विंटल (550 रुपये प्रति 50 किलो का बैग) की बढ़ोतरी कर किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। हर साल खाद की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन फसलों के दाम में मामूली वृद्धि की जाती है। खेती पर लागत खर्च बढ़ने के कारण देश के किसान पहले ही कर्ज में डूबे हुए हैं, लेकिन अब खाद के रेट में बढ़ोतरी होने से उनका आर्थिक संकट और बढ़ेगा।
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल टिकैत के प्रदेश महासचिव सरूप सिंह रामा ने बताया कि खाद कंपनियों ने एनपीके खाद ग्रेड 12:32:16 की कीमत बढ़ाकर 2250 रुपये प्रति बैग कर दी है, जबकि पहले अप्रैल 2025 में इसकी कीमत 1700 रुपये प्रति बैग थी। उन्होंने कहा कि देश के किसान डीएपी खाद की तुलना में एनपीके खाद का अधिक इस्तेमाल करते हैं। अब पंजाब के किसान भी इस खाद का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने लगे हैं। पंजाब के किसान नवंबर 2024 में डीएपी की कमी के कारण एनपीके (ग्रेड 12:32:16) खाद का इस्तेमाल कर गेहूं की बुवाई करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में डीजल की कीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण किसान परिवार पहले ही अपनी फसल और उपज को लेकर काफी चिंतित थे। किसान नेता ने बताया कि यदि केंद्र सरकार ने खाद सब्सिडी में बढ़ोतरी नहीं की तो आने वाले सीजन के दौरान खाद कंपनियां एनपीके खाद के रेट में 500 रुपये प्रति क्विंटल तक और बढ़ोतरी कर सकती हैं।
