परमाणु ऊर्जा विभाग में करियर के अवसरों पर हुई चर्चा

चंडीगढ़: 25 जनवरी 2025: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सहयोग से एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में करियर के अवसरों से अवगत कराना और उन्हें भारत की ऊर्जा और तकनीकी प्रगति में योगदान करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पीईसी के पूर्व छात्र और डीएई के पूर्व प्रोफेशनल डॉ. विभोर चस्वाल ने गर्मजोशी से अतिथियों का परिचय देकर की। इस सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के वैज्ञानिक अधिकारी  डॉ. अरुण कुमार सिंह और गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञ डॉ. राम चंद्र ने हिस्सा लिया।
डॉ. अरुण कुमार सिंह ने भारत में परमाणु ऊर्जा की यात्रा के बारे में बताते हुए दर्शकों को आकर्षित किया। उन्होंने 1945 में होमी भाभा द्वारा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना से लेकर विक्रम साराभाई और मृणाल साराभाई के सहयोग तक की कहानी साझा की। उन्होंने कोयले पर भारत की निर्भरता, जो वर्तमान में ऊर्जा खपत का 86% है, से स्वच्छ और स्थायी परमाणु ऊर्जा की ओर बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बीएआरसी के शोध, औद्योगिक अनुप्रयोगों, जल संसाधनों, स्वास्थ्य देखभाल, खाद्य संरक्षण और कृषि जैसे क्षेत्रों में योगदान को उजागर किया। डॉ. सिंह ने बीएआरसी में इंटर्नशिप के अवसरों और परमाणु ऊर्जा उत्पादन में सुरक्षा और इनोवेशन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इसके बाद, डॉ. राम चंद्र ने बीएआरसी की आधुनिक सुविधाओं और डीएई के अधीन संस्थानों के भविष्य के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने डीएई द्वारा संचालित विशेष प्रशिक्षण स्कूलों की भूमिका को रेखांकित किया और छात्रों को इन विशिष्ट अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बीएआरसी में शामिल होने के दो मुख्य मार्गों—गेट परीक्षा और बीएआरसी प्रवेश परीक्षा—पर भी विस्तार से चर्चा की।
सत्र का समापन बीएआरसी के प्रेरणादायक नारे, “आओ, हमारे साथ बढ़ो” के साथ हुआ, जिसने छात्रों को इस रोमांचक क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम डीएई, बीएआरसी और पीईसी के सांझे दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, जो भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमताओं को आगे बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रति समर्पित हैं।