पहले आतंकवाद खत्म करें फिर होगी सिंधु जल संधि पर बात भारत

नई दिल्ली:- भारत ने शुक्रवार, 3 जुलाई को सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण सिंधु जल संधि पर भारत का रुख फिलहाल स्थगित है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पहले जैसा ही है। पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के जवाब में यह संधि फिलहाल स्थगित रखी गई है।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त करना होगा।"
भारत ने अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया था। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भारत पर पानी को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि जल साझेदारी से जुड़े समझौतों को किसी प्रकार के दबाव या राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक इस मुद्दे पर कोई आगे की बातचीत नहीं होगी।
तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना से जुड़े सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत का विकास सहयोग आपसी सहमति के आधार पर होता है और इसमें सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि तीस्ता परियोजना को लेकर भारत अपना रुख पहले ही बांग्लादेश के समक्ष स्पष्ट कर चुका है और भविष्य में भी सभी घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।