मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजी राज्य में लागू करने हेतु स्वर्ण जयंती कार्ययोजना
पटियाला:- 'पोल्यूशन फ्री इंडिया प्रोजेक्ट इंटेलेक्चुअल फोरम' के संस्थापक श्री अनिल कुमार भारती ने पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान को एक 'फुलप्रूफ' एकीकृत कार्ययोजना भेजी है। इस योजना के माध्यम से उन्होंने पंजाब को 'बेसहारा गौवंश मुक्त' करने के साथ साथ राज्य को ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक ऐतिहासिक ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया है।
गौ-सौर ऊर्जा पार्क बनाकर खाली भूमि का वैज्ञानिक सदुपयोग करने के बारे में बताते हुए श्री भारती ने अपने प्रस्ताव में सुझाव दिया है कि पंजाब में उपलब्ध खाली सरकारी और गौचर भूमियों पर 'सोलर फार्म्स' स्थापित किए जाएं। यह 'एग्रो-सोलर मॉडल' दोहरी सफलता देगा क्योंकि पैनल के नीचे गौवंश के लिए शीतल छांव होगी और ऊपरी हिस्से से मेगावाट स्तर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे गौशालाएं अपनी बिजली स्वयं पैदा करेंगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर राजस्व भी अर्जित कर सकेंगी।
इतना ही नहीं रोजगार सृजन में भी इस कार्ययोजना की अहम भूमिका होगी। जहां युवाओं को तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी, वहीं प्रौढ़ों के अनुभव का सम्मान भी किया जाएगा। युवाओं के लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों के रखरखाव, डिजिटल टैगिंग और उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग में तकनीकी रोजगार प्राप्त होगा।
अनुभवी वरिष्ठ नागरिकों को गौशाला प्रबंधन, जैविक खाद निरीक्षण और 'गौ-काष्ठ' केंद्रों में 'ससम्मान पर्यवेक्षक' के रूप में नियुक्त जायेगा, ताकि उनके अनुभव से समाज लाभान्वित हो सके। शिक्षा शास्त्री भारती ने राज्य सरकार से यह मांग भी की है कि जनता से वसूले जा रहे 'काऊ सैस' का एक-एक पैसा केवल गौवंश पर ही खर्च हो। इसके लिए उन्होंने जिला स्तर पर एक 'लाइव डैशबोर्ड' बनाने का सुझाव दिया है, जिससे जनता को फंड के उपयोग की पारदर्शी जानकारी मिल सके। इससे सरकार के प्रति जन-विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
प्रदूषण मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने सुझाव दिया है कि दाह संस्कार के लिए लकड़ी के स्थान पर 'गौ-काष्ठ' (गोबर की पाथियों/उपलों) का उपयोग अनिवार्य किया जाए। इससे लाखों पेड़ों को कटने से बचाया जा ही सकेगा। साथ ही गौशालाओं में देसी घी, साबुन और अगरबत्ती निर्माण की व्यावसायिक इकाइयां लगाकर उन्हें पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने का खाका पेश किया गया है।
अनिल भारती ने मुख्यमंत्री से अपील की कि राज्य की सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले गौ वंश को गौशालाओं में पहुंचाने और उनका पालन पोषण करने वाले इस मॉडल को लागू करने से न केवल सड़क दुर्घटनाएं रुकेंगी, बल्कि पंजाब देश के लिए एक 'रोल मॉडल' बनकर उभरेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और प्रबुद्ध समाज के इस संयुक्त प्रयास से पंजाब एक 'सम्पन्न पंजाब' बनेगा।
