एंडोस्कोपी से बची जान गले में फंसी मछली की हड्डी को डॉक्टरों ने सुरक्षित निकाला

मैहतपुर/ऊना, 15 अप्रैल (राजवीर चोपड़ा): मछली खाते समय हुई एक छोटी सी लापरवाही 61 वर्षीय व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित होते-होते बची। हमीरपुर निवासी रवि कुमार के गले में मछली की हड्डी फंस गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।
जानकारी के अनुसार, हड्डी गले के अत्यंत संवेदनशील हिस्से ‘वैलेकुला’ में जाकर फंस गई थी, जिसके कारण उन्हें निगलने में भारी परेशानी और असहनीय दर्द का सामना करना पड़ रहा था।
मरीज को तुरंत आर्य अस्पताल, मैहतपुर लाया गया, जहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. दीपक आर्य और उनकी टीम ने बिना देरी किए उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी तकनीक का उपयोग करते हुए बिना किसी बड़ी सर्जरी के गले में फंसी हड्डी को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
समय पर मिले उचित उपचार के चलते मरीज की जान बच गई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस सफल उपचार में डॉ. दीपक आर्य के साथ डॉ. के.आर. आर्य का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉक्टरों ने आम लोगों से अपील की है कि मछली या हड्डी वाले भोजन का सेवन करते समय विशेष सावधानी बरतें। यदि गले में कुछ फंस जाए, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
आर्य अस्पताल की टीम द्वारा किए गए इस जीवन रक्षक कार्य की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।