पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के एडवांस आई सेंटर में दीपावली से संबंधित चोटों का सफल प्रबंधन

चंडीगढ़- दीपावली पर्व के अवसर पर पटाखों से संभावित दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों की आशंका को देखते हुए, एडवांस आई सेंटर, पी.जी.आई.एम.ई.आर., चंडीगढ़ ने मरीजों के तत्काल उपचार हेतु विशेष प्रबंध किए।

डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी कर्मचारियों की विशेष आपातकालीन ड्यूटी 20 अक्तूबर 2025 सुबह 8:00 बजे से लेकर 22 अक्तूबर 2025 सुबह 8:00 बजे तक चौबीसों घंटे लगाई गई।

इस अवधि के दौरान पटाखों से चोट लगने की शिकायत के साथ कुल 26 मरीज एडवांस आई सेंटर पहुँचे। इनमें 23 पुरुष और 3 महिलाएँ शामिल थीं। 26 में से 13 मरीज (50%) बच्चे थे, जिनकी आयु 14 वर्ष या उससे कम थी, और सबसे छोटा बच्चा केवल 3 वर्ष का था।

इनमें से 14 मरीज त्रिसिटी क्षेत्र से थे — 9 चंडीगढ़ से और 5 मोहाली से।
(चंडीगढ़ के क्षेत्र: धनास-2, सेक्टर-29, सेक्टर-21-1, सेक्टर-19D-1, सेक्टर-26-1, सेक्टर-52-1, सेक्टर-28-1, न्यू चंडीगढ़-1, सेक्टर-38-1)

शेष 12 मरीज पड़ोसी राज्यों से थे — पंजाब (8), हरियाणा (1), हिमाचल प्रदेश (3)।
11 मरीज दर्शक/बाईस्टैंडर थे जबकि 15 मरीज स्वयं पटाखे फोड़ते समय घायल हुए।

पटाखों के प्रकार:
बम – 11; रॉकेट – 3; फुलझड़ी – 1; स्काई शॉट – 4; लालटेन (मोमबत्ती) – 1; पोटाश गन – 1।


कुल 26 मरीजों में से 10 मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ी, जिन सभी का सफल ऑपरेशन किया गया।
19 मरीजों को क्लोज़्ड ग्लोब इंजरी (बंद नेत्र चोट) थी, जिनमें से 4 मरीजों की चोटें गंभीर थीं।
पी.जी.आई. के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में पटाखों से संबंधित चोटों के साथ कुल 7 मरीज रिपोर्ट हुए।
इनमें से 3 मरीजों को हाथ में पटाखे फटने से हाथों में चोटें आईं, जबकि 1 मरीज को चेहरे पर चोटें आईं। इन सभी मरीजों का एटीसी (ATC) में ऑपरेशन किया गया।
1 मरीज को 3 प्रतिशत से कम थर्मल बर्न (जलन) थी, जिसका उपचार कर छुट्टी दे दी गई।
2 मरीजों को गंभीर जलन (मेजर बर्न) हुई है और उन्हें प्लास्टिक सर्जरी विभाग के तहत बर्न आईसीयू और एचडीयू में उपचाराधीन रखा गया है।