दर्शन दर्दी बने पंजाब साहित्य सभा नवांशहर के प्रधान।

नवांशहर - पंजाब साहित्य सभा रजि नवांशहर की बैठक सभा के संरक्षक गुरचरण बधन के निवास स्थान पर उनकी अध्यक्षता में हुई, जिसमें सर्वसम्मति से साहित्य सभा का चुनाव किया गया। इस दौरान दर्शन दर्दी को प्रधान, तरसेम साकी को महासचिव, देस राज बाली को सचिव, हरबलास बधन बारिसियां ​​को उपाध्यक्ष, ओंकार महेंदीपुरी को कोषाध्यक्ष, वासदेव परदेसी को प्रेस सचिव, सुनीता बधन और बलविंदर कौर बाली को सदस्य नियुक्त किया गया।
सभा के चुनाव के बाद कवि दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें सभा के संरक्षक गुरचरण बधन ने साढ़े पंज आब  सुक गए, साडा फिक्करां च पै गया पंजाब गीत से कवि दरबार की शुरुआत की। ओंकार मेहंदीपुरी ने ' धरती नू ढाह लग जाउगी', 'धीयां मार मुकाउगे' गाना पेश किया। तरसेम साकी ने यह कहकर पार्टी को रोमांटिक बना दिया, "जब जाने वाला जान जान केहन्दा  है, जान जान कह के मेरी जान कड लेंदा है" देस राज बाली ने बाल गीत होई डेढ़ महीने की छुट्टी, चलें नानके घर। दर्दी ने फूलों के साथ-साथ कांटों से भी प्यार है, गम में भी खुशी का इजहार करते हैं, उन्होंने गजल पंक्तियों से समां बांधा। इस प्रकार इस सभा ने कवि दरबार का रूप ले लिया। गुरचरण बधन ने सभी का  धन्यवाद किया।