धुआँ किया तो मिलेगा दंड!
करनाल, 23 सितम्बर: कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के मामलों में तीन किसानों पर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जा चुकी है। साथ ही तीनों किसानों से नियमानुसार ₹30,000 जुर्माना वसूला गया है और उनके मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में “रेड एंट्री” कर दी गई है। इसके कारण ये किसान अगले दो सीजन तक अपनी फसल एम.एस.पी. पर नहीं बेच पाएंगे। तीनों किसान घरौंडा खंड से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि किसान जसमेर (निवासी गाँव कैमला) द्वारा गाँव मलिकपुर के खेतों में धान की पराली में आग लगाने, किसान दिनेश कुमार (निवासी फुरलक) तथा किसान विक्की पुत्र राजकुमार (निवासी गाँव बीजना) पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 39 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत संबंधित थानों में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार इस वर्ष फसल अवशेषों की आगजनी की घटनाओं में “जीरो बर्निंग” का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त करनाल द्वारा जिला स्तरीय, खंड/तहसील स्तरीय व गाँव स्तरीय समितियाँ/एनफोर्समेंट टीम बनाई गई हैं। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो आगजनी की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ नियमानुसार कार्रवाई भी करेंगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा आगजनी पर जुर्माने की राशि बढ़ाई गई थी:
2 किलो तक ₹5,000
5 किलो तक ₹10,000
और 5 किलो से अधिक पर ₹30,000।
साथ ही दोषी किसान के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी व उसके मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में “रेड एंट्री” की जाएगी।
कृषि तथा किसान कल्याण विभाग द्वारा जिला व खंड स्तर पर आगजनी से संबंधित शिकायतों के समाधान हेतु कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इनके इंचार्ज की जानकारी इस प्रकार है –
खंड इंचार्ज का नाम पद मोबाइल नंबर
करनाल श्री गौरव मेहला खंड कृषि अधिकारी 94166-39696
घरौंडा श्री राहुल दहिया खंड कृषि अधिकारी 87084-59384
इंद्री श्री अश्वनी कंबोज खंड कृषि अधिकारी 81681-40732
निसिंग श्री कर्मवीर गिरी खंड कृषि अधिकारी 94166-56600
नीलोखेड़ी श्री रामपाल खंड कृषि अधिकारी 94163-93447
असंध श्री बलदेव खंड कृषि अधिकारी 98965-15375
उपनिदेशक कृषि कार्यालय श्री पुनीत (डेटा एंट्री ऑपरेटर) — 0184-2272623
उन्होंने बताया कि इन सभी कंट्रोल कक्षों में कोई भी किसान फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए संपर्क कर सकता है।
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे फसल अवशेषों में आगजनी न करें, बल्कि कृषि यंत्रों की सहायता से पराली का उचित प्रबंधन करें और ₹1,200 प्रति किले की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसान ने उसी कृषि यंत्र पर पिछले तीन वर्षों में अनुदान का लाभ नहीं लिया है और पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज सही एवं पूर्ण पाए गए हैं, तो ड्रा में चयनित किसान उस कृषि यंत्र की खरीद पर अनुदान लेने का पात्र होगा। जिन किसानों ने पैन कार्ड, ट्रैक्टर की आर.सी. या शपथ पत्र अपूर्ण या अपलोड नहीं किए हैं, वे सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में अपने दस्तावेज जमा करवा कर ऑनलाइन परमिट प्राप्त कर सकते हैं।
सहायक कृषि अभियंता श्री कुलबीर सिंह ने बताया कि इस विषय में किसानों को दूरभाष द्वारा भी सूचित किया गया है। किसानों से एक बार फिर अनुरोध है कि जिनका ऑनलाइन परमिट प्राप्त नहीं हुआ है, वे कार्यालय में अपना पैन कार्ड, ट्रैक्टर की आर.सी. (केवल हरियाणा में पंजीकृत) एवं शपथ पत्र जमा करवा कर अपना ऑनलाइन परमिट प्राप्त कर लें। यदि किसान ने समय पर अपने दस्तावेज पूर्ण करके परमिट प्राप्त नहीं किया, तो उसका परमिट रद्द कर दिया जाएगा।
