कन्या भ्रूण हत्या पर सिविल सर्जन का वार दोषियों को नहीं मिलेगी माफी
करनाल, 17 फरवरी:- सिविल सर्जन पूनम चौधरी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है, इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए। जिला में पीएनडीटी एक्ट की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित की जाए और नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सिविल सर्जन पूनम चौधरी मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय में प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण अधिनियम (पीएनडीटी एक्ट) के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रही थी। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रेड बढ़ाएं तथा औचक निरीक्षण कर उनके रिकॉर्ड की जांच करें। उन्होंने कहा कि लिंग परीक्षण करवाना और करना दोनों कानूनी तौर पर अपराध हैं, ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखें और सख्त कार्रवाई करें।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ पूनम चौधरी ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों और नियमों के उल्लंघन करने पर 3 वर्ष तक की सजा एवं 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है तथा नियमों की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ गुप्त सूचना देने वाले को एक लाख रुपये तक का इनाम देने का भी एक्ट में प्रावधान किया गया है।
बैठक में डीडीए पंकज सैनी, डॉ. शीनू चौधरी, डॉ. अंजू, डॉ. पंकज, डब्ल्यूसीडी पीओ निसिंग संतोष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
