पीजीआई चंडीगढ़ में राजभाषा हिंदी में समारोह का आयोजन
चंडीगढ़, 17 मार्च 2026: स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआई) चंडीगढ़ में आज राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को भारत सरकार की राजभाषा नीति और संस्थान में उसके कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी गई।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के संकायाध्यक्ष (अनुसंधान) प्रो. संजय जैन ने कहा कि भारत अनेकता में एकता का उदाहरण है, जिसमें अनेक भाषाएं और बोलियां हैं। हिंदी देश के लोगों को एक सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में काम करने से देश का विकास संभव होता है और स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए हिंदी में संवाद करना न केवल दायित्व बल्कि मरीजों के तनाव को कम करने का सरल माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजभाषा अधिनियमों और नियमों का अनुपालन हमारी जिम्मेदारी है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कौशल ने कहा कि अधिकांश कर्मचारी हिंदी का ज्ञान रखते हैं और उन्हें हिंदी में काम करने के लिए शब्दकोश, तकनीकी शब्दावलियां और कार्यालयी सामग्री उपलब्ध करवाई गई हैं। संस्थान के सभी कंप्यूटरों में हिंदी टाइपिंग की सुविधा है और इसे संस्थान की वेबसाइट से डाउनलोड कर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने सभी डॉक्टरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे दैनिक कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करें और राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन में योगदान दें।
इस अवसर पर नर्सिंग अधिकारी श्री अनीशलाल एस.वी. की हिंदी पुस्तक “नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों के देखभालकर्ताओं के लिए होम केयर पैकेज” का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही संस्थान में राजभाषा के प्रचार के लिए लागू प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत डॉ. रजनी शर्मा, श्री नरेंद्र प्रार्थी, श्री संजय कुमार, श्री राजेश सक्सैना और श्री अभिजीत सिंह को सम्मानित किया गया और हिंदी पखवाड़े की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
नोडल अधिकारी (राजभाषा) प्रो. संजय भदादा ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने पद पर रहते हुए राजभाषा हिंदी का प्रयोग करेंगे और अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदी में कार्य करने से संस्थान की कार्यक्षमता बढ़ेगी और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ेगा।
यह समारोह संस्थान में हिंदी के महत्व को समझाने और दैनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का एक सफल प्रयास रहा।
