सामुदायिक रेडियो को केंद्र की वित्तीय मदद योजना रहेगी जारी डॉ चौहान
नीलोखेड़ी/करनाल:- केंद्र सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के वित्तपोषण हेतु संचालित "सपोर्टिंग कम्युनिटी रेडियो मूवमेंट इन इंडिया" योजना को वर्ष 2031 तक विस्तारित कर दिया गया है तथा इसकी संशोधित गाइडलाइन्स शीघ्र जारी की जाएंगी। यह जानकारी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, निलोखेड़ी के निदेशक एवं सामुदायिक रेडियो एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यहाँ जारी एक विज्ञप्ति में दी। वह दो दिवसीय क्षेत्रीय रेडियो सम्मेलन में प्रतिभागिता करके लौटे है।
इस सम्मेलन को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन के दौरान हरियाणा के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधियों की एक अनौपचारिक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आपसी तालमेल और समन्वय को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। बैठक में हरियाणा के रेडियो स्टेशनों की स्थानीय समस्याओं तथा उनके निराकरण के ठोस उपायों पर विचार किया गया। डॉ. चौहान ने कहा कि “सामुदायिक रेडियो लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाला माध्यम है। हरियाणा के सामुदायिक रेडियो ग्रामीण आवाज़ों को बुलंद करते रहेंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवाद पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
डॉ चौहान ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष सामुदायिक रेडियो प्रतिनिधियों को मीडिया मान्यता प्रदान किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि मंत्रालय राज्यों के जनसंपर्क निदेशालयों को पत्र लिखकर सामुदायिक रेडियो प्रतिनिधियों को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे। साथ ही सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग पर भी चर्चा की गई। रेडियो स्टेशनों द्वारा अपने अनुभव साझा करते हुए,कंटेंट निर्माण, प्रशासनिक समन्वय और समुदाय सहभागिता पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार तथा सामुदायिक रेडियो से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सामुदायिक रेडियो संचालकों एवं कार्यक्रम निर्माताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समसामयिक समस्याओं के समाधान पर गंभीर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में जहां चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई, वहीं उनके व्यावहारिक समाधान के रास्तों पर भी सकारात्मक संवाद हुआ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक (सीआरएस) सुश्री शिल्पा राव ने सामुदायिक रेडियो नेटवर्क के विस्तार और नवाचारों पर जोर देते हुए सामुदायिक रेडियो के प्रोत्साहन हेतु नई नीतियों, प्रक्रियाओं में सुधार तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि भारत सरकार सामुदायिक रेडियो को और सशक्त एवं सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, उन्होंने ने “भारत में सामुदायिक रेडियो के 20 वर्ष पूर्ण होने पर अपनी शुभकामनायें दी। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से प्रोफेसर सुरेश वर्मा ने सम्मेलन में प्रतिभागिता की। सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक उत्तर भारत के लगभग 100 सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
हरियाणा से सम्मेलन में रेडियो अरावली के मनीष यादव, दादरी से प्रीतम सिंह, यमुनानगर से मनमोहन सिंह, अंबाला कैंट से भारत सोपारी, तथा गौरव मार्तंड, राजपाल, इमरान, प्रीती, भारत, दीक्षा, अमित भाटिया, रेडियो ग्रामोदय के हिमांशु मेहता सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
