निर्वाणु कुटिया माहिलपुर में बुद्ध धम्म दीप दान दिवस मनाया गया
माहिलपुर, 2 नवंबर - कुटिया प्रबंधन द्वारा जय भीम कारवां चैरिटेबल सोसायटी (पंजीकृत) माहिलपुर के सहयोग से आज निर्वाणु कुटिया माहिलपुर में बुद्ध धम्म दीप दान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सबसे पहले महान बुद्धों के चित्र के समक्ष दीप जलाये गये और बाद में बुद्ध की पूजा-अर्चना कर सामूहिक रूप से ध्यान कर कर अंध विश्वास और अज्ञान को त्यागकर अपनी चेतना में ज्ञान का दीपक जलाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर निर्मल सिंह मुग्गोवाल मॉडरेटर निर्वाणु कुटिया माहिलपुर, निर्मल कौर बोध अध्यक्ष जय भीम कारवां चैरिटेबल सोसायटी (पंजीकृत) माहिलपुर, संत बाबा बलवीर सिंह लंगेरी, शशि बांगड़ एमसी, राजीव कुमार, सुखदेव सिंह, अमरजीत कौर, संदीप कौर, सुखविंदर कुमार सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी मास्टर जय राम बड़ी, रेखा रानी, दीया रानी, प्रभजोत कौर, सुमिता, जीवन कुमारी, गगनदीप कौर, हरबंस कौर, गुरपाल कौर, जसविंदर कौर डोहलरो, बेबी मुग्गोवाल, परमजीत कौर, सौरव जस्सल, प्रोफेसर नवप्रीत कौर, डाॅ. परमिंदर सिंह, धर्म सिंह एक सैन्य अनुभवी उपस्थित थे।
इस अवसर पर निर्मल कौर बोध ने कहा कि लगभग 2560 वर्ष पूर्व तथागत भगवान बुद्ध ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपने पिता, जो कपालवस्तु के राजा थे, के निमंत्रण पर पहली बार कपालवस्तु गये थे। वहां मौजूद लोगों ने दीपक जलाकर उनका स्वागत किया. तथागत भगवान बुद्ध ने उस समय संपूर्ण मानवता को अज्ञान को नष्ट करने के लिए ज्ञान का दीपक जलाने का प्रयास शुरू करने का निर्देश दिया। उनके बाद सम्राट चक्रवर्ती, जो बाद में बौद्ध भिक्षु बने, और संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने तथागत भगवान बुद्ध की कल्याणकारी शिक्षाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया।
इस अवसर पर रानी ने तथागत भगवान बुद्ध की कल्याणकारी शिक्षाओं पर प्रतिदिन ध्यान लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा को फैला रहे सुरिंदर सिंह पप्पी, सरपंच गांव छावनी को कार्यक्रम में पहुंचने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ चाय पी और एक-दूसरे को बुद्ध धम्म दीप दान दिवस और बंदी छोड़ दिवस की बधाई दी।
