अनंत ऊर्जा से जुड़ने का मार्ग है ब्रह्मनाद ध्यान आचार्य बसंत
हिसार, 15 मार्च:- समर्थगुरु धारा संघ के तत्वावधान में रविवार को आयोजित संडे ध्यान कार्यक्रम में आचार्य बसंत के सान्निध्य में ब्रह्मनाद ध्यान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अनेक साधकों ने भाग लिया और गहन शांति व आत्मिक अनुभूति का अनुभव किया। ध्यान सत्र के दौरान साधकों ने मन, शरीर और आत्मा की गहराई में जाकर गहन शांति, ऊर्जा और आत्मिक जुड़ाव का अनुभव किया। ब्रह्मनाद ध्यान से साधकों को अंतर्मन की ध्वनि और आत्मिक शक्ति का साक्षात्कार कराया गया।
आचार्य बसंत ने साधकों को बताया कि ब्रह्मनाद ध्यान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और साधक अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। आचार्य ने बताया कि ध्यान के प्रकार और तकनीकें विभिन्न हो सकती हैं और यह आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक शिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाता है।
कार्यक्रम के समय ध्यान स्थल पर अनुशासन, मौन और सकारात्मक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला। साधकों ने ध्यान के उपरांत मानसिक हल्कापन, शांति और एकाग्रता में वृद्धि का अनुभव सांझा किया। कई प्रतिभागियों ने इसे दैनिक जीवन में संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया। आचार्य ने बताया कि ध्यान के प्रकार और तकनीकें विभिन्न हो सकती हैं और यह आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक शिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाता है।
ज्ञात हो कि प्रत्येक रविवार सुबह 7 से 9 बजे समर्थगुरु धारा संघ हिसार अपने साधना केंद्र मिर्जापुर रोड, कौशिक नगर में ध्यान के कार्यक्रम का आयोजन करता है, जोकि सभी के लिए नि:शुल्क होता है और प्रशिक्षित आचार्य ही वो ध्यान का सेशन लेते हैं। समर्थगुरू धारा संघ के यह प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ध्यान सत्र में अनेक साधकों ने भाग लिया और अभ्यास के बाद स्वयं को ऊर्जा और शांति से परिपूर्ण महसूस किया।
इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने समर्थगुरु के आशीर्वचन सुने। ध्यान के बाद कार्यक्रम के समापन पर समर्थगुरु धारा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य सुभाष ने आज के सत्र के आचार्य बसंत का आभार व्यक्त किया एवं उपस्थित सभी साधकों को आगामी ध्यान सत्रों की जानकारी भी प्रदान की। हमारे जीवन में ध्यान के महत्व पर विस्तार से बताते हुए समर्थगुरुधारा संघ के कार्यक्रमों के बारे चर्चा की।
