पुस्तकें हमें हमारे व्यक्तित्व से परिचित करवाती हैं सुशील आजाद

पटियाला- केंद्रीय विद्यालय नाभा छावनी के वरिष्ठ हिंदी अध्यापक श्री सुशील कुमार आजाद की नई पुस्तक “दिन पिघल रहें हैं “ का विमोचन अंबाला में आयोजित हरियाणा लेखक मंच के कार्यक्रम में भव्य रूप में किया गया। इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. दिनेश दधीचि, अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. वैभव सिंह, प्रसिद्ध लेखक डॉ.अशोक भाटिया, डॉ. ब्रह्मदत्त, लेखक पंकज शर्मा सहित अनेक विद्वानों ने उपस्थिति दी। 
पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री सुशील आजाद ने बताया कि जब भी किसी लेखक की कृति प्रकाशित होती है तो उस पुस्तक से लेखक स्वयं अपनी प्रतिभा, अपने व्यक्तित्व से रूबरू होता है। इस पुस्तक में मैंने रूसी समाज के अनेक योग्य कलाकारों का परिचय, ऐतिहासिक स्थानों का जीवंत वर्णन किया है। इस पुस्तक के लोकार्पण पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उच्च अधिकारियों ने बधाई दी है। 
प्राचार्य सुश्री सपना ने बधाई देते हुए कहा कि श्री सुशील जी की रचना धार्मिकता का लाभ उनके विद्यार्थियों को भी मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक के प्रकाशन में विश्व प्रसिद्ध लेखक श्री अनिल कुमार भारती संपादक के रूप में एवम् रूसी साहित्यकार सुश्री मारिया लजारेवा ने उप संपादक की भूमिका निभाई है।