शहीद उधम सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए नरेंद्र भ्याणा

हांसी:– शहीद भगत सिंह संगठन समिति के प्रधान सरदार कृष्ण इलावादी की अध्यक्षता में पावन धाम बजरंग आश्रम, हांसी में अमर शहीद उधम सिंह का 86वां शहीदी दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हैफेड के पूर्व चेयरमैन नरेंद्र भ्याणा अपने सहयोगियों अशोक कनौजिया एवं सौरभ कथूरिया के साथ पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों ने शहीद उधम सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा "शहीद उधम सिंह अमर रहें" के नारों से वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम में किशोरी नागपाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि नरेंद्र भ्याणा ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद उधम सिंह का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहे हैं, वह इन महान क्रांतिकारियों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है।
समिति के प्रधान सरदार कृष्ण इलावादी ने कहा कि 31 जुलाई 1940 को इंग्लैंड की पेंटनविल जेल में शहीद उधम सिंह को फांसी दी गई थी। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के दोषी ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर को लंदन में गोली मारकर हजारों निर्दोष भारतीयों के नरसंहार का प्रतिशोध लिया था। इस ऐतिहासिक बलिदान ने देशवासियों के मन में स्वतंत्रता की अलख को और प्रज्वलित किया।
कार्यक्रम में प्रधान वीना चौधरी, पार्षद सुमन शर्मा, मोनिका जांगड़ा, सुभाष महता, डॉ. मुन्ना अरोड़ा, हमेश खुराना, रामस्वरूप खट्टर, फतेह सिंह, जयबीर फौजी, प्यारे लाल फौजी, ओमप्रकाश यादव, अजय भारद्वाज, मा. मगलु, कर्मवीर शास्त्री, कमल किशोर शास्त्री, विजयपाल शास्त्री, ओमप्रकाश मुंजाल, कश्मीरी लाल ग्रोवर, कश्मीरी बजाज, रविंद्र शर्मा, खेमचंद शर्मा, कमल भ्याणा, रोहित सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।