गढ़शंकर के बंगा चौक में बाबा साहेब डॉ अंबेडकर जी की जयंती श्रद्धा से मनाई गई

हरोली/ऊना, 18 अप्रैल (राजवीर चोपड़ा):- गढ़शंकर के बंगा चौक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास जी में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संस्था प्रमुख बाबा केवल सिंह जी ने विशेष रूप से भाग लिया।
बाबा केवल सिंह जी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने समाज को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक स्वतंत्रता की दिशा दिखाई। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1891 को जन्मे इस महान युगपुरुष ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त कर मानवता के कल्याण के लिए अतुलनीय योगदान दिया। आज भी उनके द्वारा रचित संविधान समाज को समानता, भाईचारे और अधिकार प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अत्यंत कठिन हालातों में शिक्षा प्राप्त कर कई डिग्रियां हासिल कीं और कभी भी परिस्थितियों के आगे झुके नहीं। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें अंधविश्वास और कर्मकांड से ऊपर उठकर शिक्षा को अपनाना चाहिए और अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए।
इस मौके पर गुरु घर के हेड ग्रंथी व सचिव बाबा नरेश सिंह जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में आगे बढ़ने के लिए “मीरी” और “पीरी” दोनों आवश्यक हैं। उनके अनुसार पीरी का स्वरूप श्री गुरु रविदास महाराज जी हैं, जबकि मीरी का प्रतीक बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर हैं। दोनों शक्तियों को जीवन में अपनाने से ही समाज का कल्याण संभव है।
स्टेज सचिव की सेवा चौधरी जीत सिंह जी द्वारा निभाई गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रधान जोगिंदर सिंह, परमजीत एम.सी., चौधरी जीत सिंह, मलकीत सिंह, मीना रानी, विक्रम सिंह बब्बलू और कुंवर जगवीर सिंह सहूंगड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।