बाबा दीप सिंह की शहादत इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी मंगप्रीत सिंह
करनाल, 15 नवंबर:- गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह, सेक्टर-2 में बाबा दीप सिंह का शहीदी पर्व आज आरंभ हुआ। दो दिवसीय शहीदी पर्व का समापन रविवार को अमृत संचार के साथ होगा। पहले दिन रागी एवं ढाडी जत्थों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर नाम सिमरन किया गया तथा गुरु का दरबार सजाया गया। संगत के लिए अटूट लंगर का प्रबंध भी किया गया।
धर्म प्रचारक व कथा वाचक मंगप्रीत सिंह ने सिख पंथ के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाबा दीप सिंह की शहादत को इस सदी की सबसे बड़ी शहादत बताया। उन्होंने कहा कि देश में सनातन धर्म को मानने वालों को भी मंदिरों में गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी पर्व मनाना चाहिए। हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों की सुरक्षा गुरुओं की शहादतों की ही देन है।
गुरुओं ने सदैव मानवता और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। इसके बाद ढाडी जत्थे ने गुरुओं की महिमा का गायन किया। गुरुद्वारे के प्रमुख बाबा गुलाब सिंह ने तरीवाड़ी शीश गंज गुरुद्वारा से आए बाबा जोगा सिंह, एकता कॉलोनी से आए भाई गुरमेल सिंह, मेयर रेणुबाला गुप्ता तथा गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के महासचिव जत्थेदार इंदरपाल सिंह को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में हजारों की संगत उपस्थित रही। बाबा गुलाब सिंह ने बताया कि रविवार को भी रागी-ढाडी जत्थे गुरु की महिमा का गुणगान करेंगे और दोपहर 2 बजे से अमृत संचार होगा।
