आदिवासियों की हत्याओं के खिलाफ फासीवाद विरोधी मोर्चा कल करेगा प्रदर्शन

नवांशहर, 25 फरवरी- मोदी सरकार द्वारा आदिवासियों को विस्थापित करने व उनकी हत्याओं के खिलाफ फासीवाद विरोधी मोर्चा 27 फरवरी को नवांशहर में प्रदर्शन करेगा। यह जानकारी देते हुए भाकपा (माले) न्यू डेमोक्रेसी के नेता कुलविंदर सिंह वड़ैच, दलजीत सिंह एडवोकेट, भाकपा नेता सुतंतर कुमार व आरएमपीआई के जिला नेता कुलदीप सिंह दुड़का ने बताया कि प्रदर्शन से पहले सुबह 10 बजे नवांशहर के बस स्टैंड पर सभा होगी, जिसे उपरोक्त पार्टियों के नेता संबोधित करेंगे। 
नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों के जंगलों व पहाड़ों के नीचे छिपे बहुमूल्य खनिजों को अपने पसंदीदा देशी-विदेशी कॉरपोरेट घरानों को कौड़ियों के दाम बेच रही है। लूटना चाहती है। अगर कॉरपोरेट घरानों ने जंगलों व पहाड़ों को उजाड़ दिया तो बड़े पैमाने पर आदिवासी भी विस्थापित हो जाएंगे। 
इसलिए आदिवासी अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आदिवासियों के संघर्ष को दबाने के लिए उन्हें माओवादी बताकर मारा जा रहा है। भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बार-बार बयान दे रहे हैं कि मार्च 2026 तक देश से माओवादियों का सफाया हो जाएगा। अमित शाह के इस बयान का मतलब है कि वे आदिवासियों के विरोध को बहुत जल्दी कुचलने की बात कर रहे हैं। 
नेताओं ने कहा कि यह कैसी सरकार है जो अपने ही बच्चों को मार रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के विस्थापन और हत्याओं का मोदी सरकार को पुरजोर विरोध करना चाहिए।