बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के आरोप मंदिर समिति ने जांच के दिए आदेश

चंडीगढ़:- बद्रीनाथ मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर सामने आए उन आरोपों के बाद आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि मंदिर के एक कर्मचारी ने श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी की है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब काल भैरव सेना के अध्यक्ष संजीव खत्री ने आरोप लगाया कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े एक कर्मचारी ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे के साथ छेड़छाड़ की। उनका दावा है कि यह कथित घटना सुबह 8 बजे से 8:30 बजे के बीच हुई। उन्होंने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
द्विवेदी ने सोशल Media पर चल रहे उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि संबंधित कर्मचारी उनके निजी सचिव के रूप में कार्यरत था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति मंदिर समिति का एक नियमित कर्मचारी है और इससे पहले भी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के तीन पूर्व अध्यक्षों के निजी सहायक के रूप में कार्य कर चुका है।
वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि आरोप सामने आने के बाद मंदिर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि उपलब्ध फुटेज इतनी स्पष्ट नहीं है कि आरोपों की पुष्टि या खंडन किया जा सके।

मंदिर समिति की अपील
मंदिर समिति ने आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करें। समिति ने कहा कि यह मामला विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है, इसलिए तथ्यों के सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।