करोड़ों की डील में ऐसा दांव खरीदार रह गया हैरान
करनाल, 13 जून:- करनाल में जमीन के सौदे के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने जमीन का फर्जी इकरारनामा दिखाकर लाखों रुपये हासिल किए और बाद में उसी जमीन को किसी अन्य खरीदार के नाम बेच दिया। शिकायत मिलने के बाद असंध थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करनाल के गांव जयसिंहपुरा निवासी महाबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती-बाड़ी करता है। उसकी मुलाकात अलावला निवासी शोभा सिंह से हुई, जिसने 48 कनाल 1 मरला जमीन का सौदा 93 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से तय किया। यह जमीन रानी पत्नी महेंद्र तथा नरेंद्र कौर पुत्री महेंद्र के नाम बताई गई। सौदे में गोंदर निवासी रवि और अलावला निवासी कमलजीत ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
महाबीर के अनुसार 9 अक्तूबर 2025 को इकरारनामा तैयार किया गया। उस दौरान शोभा सिंह ने दावा किया कि वह मूल बयाना दस्तावेज बाद में दिखा देगा। भरोसा दिलाए जाने पर उसी दिन 40 लाख रुपये नकद और 8 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए गए। अगले दिन 45 लाख रुपये का चेक भी सौंप दिया गया। शेष 27 लाख रुपये असली दस्तावेज देखने के बाद देने की बात तय हुई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार मांगने के बावजूद आरोपी पक्ष ने असली बयाना नहीं दिखाया। बाद में जांच करने पर पता चला कि सौदे के समय शोभा सिंह के पास जमीन मालिकों के साथ कोई वैध इकरारनामा था ही नहीं और दिखाया गया दस्तावेज कथित रूप से फर्जी था।
महाबीर ने बताया कि 31 अक्तूबर को 8 लाख रुपये उसके हिस्सेदार सुमित के खाते में वापस भेजे गए। इसके बाद रवि और कमलजीत ने जमीन में समस्या होने की बात कहकर सौदा वापस करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि जमीन का दूसरा खरीदार अधिक कीमत देने को तैयार है।
6 नवंबर को दोनों पक्षों के बीच नई सहमति बनी, जिसके तहत जमीन 98.71 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से वापस शोभा सिंह को देने का निर्णय लिया गया। उसी दिन 15 लाख रुपये नकद और पहले लौटाए गए 8 लाख रुपये मिलाकर कुल 23 लाख रुपये का भुगतान दिखाते हुए रसीद तैयार की गई। रजिस्ट्री 15 जनवरी तक कराने का आश्वासन दिया गया।
हालांकि बाद में महाबीर को पता चला कि शोभा सिंह ने 28 अक्तूबर को ही उक्त जमीन सनोली निवासी विजेंद्र को बेच दी थी। यानी सौदा वापस करने की प्रक्रिया से पहले ही जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम की जा चुकी थी।
शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान शोभा सिंह ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उसने पहले फर्जी इकरारनामा दिखाकर सौदा किया था और बाद में असली मालिकों से समझौता करने के बाद अधिक लाभ के लिए जमीन बेच दी। उसने 10 फरवरी तक रकम लौटाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन भुगतान नहीं किया।
महाबीर का आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपी ने गाली-गलौच की और रकम लौटाने से इनकार कर दिया। मामला डीएसपी कार्यालय तक पहुंचा, जहां समझौते के तहत आरोपी ने 11 मई की तारीख का चेक दिया, लेकिन बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शोभा सिंह निवासी अलावला के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और आरोपों की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
