गुरुद्वारा संत मंडल अंगीठा साहिब लांबियां में 54वां वार्षिक कार्यक्रम संपन्न हुआ

एसएएस नगर, 13 जनवरी - गुरुद्वारा संत मंडल अंगीठा साहिब लांबियां मोहाली में संत अतर सिंह मस्तुआना साहिब वालो से बरोसाए सचखंड वासी संत ईशर सिंह लांबियां साहिब की 54वीं बरसी को समर्पित संत महेंद्र सिंह लांबियां साहिब के नेतृत्व में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम समाप्त हो गए। 

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान निरंतर चल रही श्री अखंड पाठ साहिब की लड़ी दे भोग पाये गये| जिसके बाद धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया| इस मौके पर संबोधित करते हुए धर्मस्थल के प्रमुख संत महेंद्र सिंह लांबियां वालो ने कहा कि सचखंड वासी संत ईशर सिंह लांबियां साहिब वालो ने अपना पूरा जीवन धर्म के प्रचार-प्रसार और गुरुघरों की सेवा और शिक्षा के केंद्र की स्थापना में बिताया और कई दशकों तक संगत की सेवा की और कथा कीर्तन के विचारों से संगतों को निहाल किया।

कार्यक्रम के दौरान संत महिंदर सिंह लांबियां साहिब वालो ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न संप्रदायों के प्रमुखों की उपस्थिति में बाबा अमराव सिंह लांबियां वालो को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया। बाबा अमराव सिंह लांबियां वालो को उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करते हुये उनके सिर पर पगड़ी सुशोभित की गई।

संत बलजिंदर सिंह रारा साहिब वाले, संत अवतार सिंह धूलकोट वाले, बाबा कुलदीप सिंह नानकसर ठाठ, बाबा हरबेअंत सिंह मस्तुआना साहिब, बाबा करमजीत सिंह गुरुद्वारा अंगीठा साहिब मस्तुआना साहिब, बाबा मनमोहन सिंह बारां वाले, बाबा गुरप्रीत सिंह रंधावे वाले, बाबा रणजीत सिंह रतवाड़ा साहिब वाले, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रचारक भाई जतिंदर सिंह गुरुद्वारा श्री अंब साहिब, बाबा गुलाब सिंह चमकौर साहिब, बाबा मोहन सिंह शून वाले, बाबा मंजीत सिंह छन्ना वाले, बाबा सुरिंदर सिंह, बाबा बलकार सिंह ढेलपुर वाले, बाबा हरपाल सिंह सोढ़ी, सलापुर के ज्ञानी बलजीत सिंह, पटियाला के बाबा गुरदेव सिंह, लांबिया के भाई करमजीत सिंह, लांबिया के बाबा कमलप्रीत सिंह ने कथा कीत्रण के विचारों से संगतों को निहाल किया।

पंजाब के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, परमिंदर सिंह सोहाना अकाली नेता, मंजीत सिंह सेठी, जगमोहन सिंह लंग, गुरुमीत सिंह वालिया सामाजिक कार्यकर्ता, परमजीत सिंह काहलों, सामाजिक कार्यकर्ता सतबीर सिंह धनोआ, परमजीत कौर लौंडरां , जगदीप सिंह, सुखदेव सिंह, मंजीत सिंह सैनी, उदम सिंह भबात आदि विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।